Digital Census 2026// भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में आज, 1 अप्रैल 2026 से एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। देश की पहली ‘डिजिटल जनगणना’ (Digital Census 2026) का आधिकारिक आगाज हो चुका है। लगभग 15 साल के लंबे अंतराल के बाद शुरू हो रहे इस महा-अभियान में इस बार कई चौंकाने वाले बदलाव किए गए हैं। इस बार जनगणना में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों को भी ‘विवाहित’ (Married) की श्रेणी में गिना जाएगा। साथ ही, 1931 के बाद पहली बार जातिगत आंकड़े भी डिजिटल रूप में दर्ज किए जाएंगे। केंद्र सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए ₹11,718.24 करोड़ का भारी-भरकम बजट मंजूर किया है। रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण के अनुसार, यह अभियान अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तारीखों पर शुरू होगा।
राज्यों का पूरा शेड्यूल: जानें छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में कब होगी गिनती?
देश के 8 राज्यों में आज (1 अप्रैल) से जनगणना शुरू हो गई है, जबकि अन्य राज्यों के लिए तिथियां इस प्रकार हैं:
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1 अप्रैल 2026: दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम।
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5 अप्रैल 2026: गुजरात, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव।
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10 अप्रैल 2026: उत्तराखंड।
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16 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा और बिहार।
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26 अप्रैल 2026: तेलंगाना।
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30 अप्रैल 2026: पंजाब।
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1 मई 2026: महाराष्ट्र, मेघालय, राजस्थान और झारखंड।
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7 मई 2026: उत्तर प्रदेश।
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17 मई 2026: जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और पुडुचेरी।
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1 जून 2026: हिमाचल प्रदेश।
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16 जून 2026: केरल और नागालैंड।
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17 जुलाई 2026: तमिलनाडु और त्रिपुरा।
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2 अगस्त 2026: असम।
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17 अगस्त 2026: मणिपुर।
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नोट: पश्चिम बंगाल देश का एकमात्र राज्य है जहाँ फिलहाल जनगणना की तारीख तय नहीं हो पाई है।
तैयार रखिए इन 33 सवालों के जवाब (Puri List)
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चाहे आप खुद ऑनलाइन पोर्टल पर जानकारी भरें या जनगणना अधिकारी आपके घर आए, आपको इन 33 बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी देनी होगी। हमने आपकी सुविधा के लिए इसकी पूरी लिस्ट तैयार की है:
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भवन/जनगणना नंबर | 2. मकान नंबर | 3. फर्श की सामग्री (सीमेंट/मार्बल/ग्रेनाइट) | 4. दीवार की सामग्री | 5. छत की सामग्री | 6. मकान का उपयोग | 7. मकान की हालत | 8. परिवार क्रमांक | 9. सदस्यों की संख्या | 10. मुखिया का नाम | 11. मुखिया का लिंग | 12. जाति (सामान्य, SC, ST, OBC) | 13. स्वामित्व की स्थिति | 14. कमरों की संख्या | 15. विवाहित दंपतियों की संख्या | 16. पेयजल का स्रोत | 17. पेयजल की उपलब्धता | 18. बिजली का स्रोत | 19. शौचालय की उपलब्धता | 20. शौचालय का प्रकार | 21. गंदे पानी की निकासी | 22. स्नानघर की सुविधा | 23. गैस कनेक्शन | 24. खाना पकाने का मुख्य ईंधन | 25. रेडियो/ट्रांजिस्टर |
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26. टीवी | 27. इंटरनेट | 28. लैपटॉप/कंप्यूटर | 29. स्मार्टफोन | 30. साइकिल/मोटरसाइकिल | 31. कार/जीप/वैन | 32. मुख्य अनाज | 33. मोबाइल नंबर।
क्यों खास है यह ‘डिजिटल जनगणना’?
इस बार की जनगणना पूरी तरह पेपरलेस होगी। प्रगणक (Enumerators) अपने मोबाइल ऐप के जरिए डेटा फीड करेंगे। नागरिकों के पास ‘सेल्फ-एन्युमरेशन’ का विकल्प भी है, जिससे वे खुद पोर्टल पर जानकारी भर सकते हैं।
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ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद मिलने वाली 16 अंकों की यूनिक आईडी से वेरिफिकेशन की प्रक्रिया महज 2 मिनट में पूरी हो जाएगी।
छत्तीसगढ़ में 16 अप्रैल से दस्तक
जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ के संदर्भ में देखें तो यहाँ 16 अप्रैल 2026 से प्रगणक घर-घर पहुंचना शुरू करेंगे। रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ जैसे शहरों से लेकर बस्तर के सुदूर वनांचलों तक प्रशासन ने ‘HLO मोबाइल ऐप’ के जरिए डेटा जुटाने की तैयारी की है। जहाँ नेटवर्क नहीं है, वहाँ ऑफलाइन मोड में काम होगा। यदि आप अपनी प्राइवेसी चाहते हैं और समय बचाना चाहते हैं, तो ‘सेल्फ-एन्युमरेशन’ का विकल्प चुनें। ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद मिलने वाली 16 अंकों की आईडी दिखाएं और महज 2 मिनट में अपना फर्ज पूरा करें।
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