Gold Silver Price Today: मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने से सोने-चांदी में अचानक उछाल आया है, जिसे तकनीकी उछाल बताया जा रहा है। केडिया एडवाइजरी के अजय केडिया ने बताया कि यह तेजी अल्पकालिक हो सकती है। जानें उन्होंने क्या नया टारगेट प्राइस दिया?
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच गिरावट झेल रहे सोना-चांदी में बुधवार को जोरदार उछाल देखने को मिला। एमसीएक्स पर सोना 3.73% बढ़कर 1,44,100 रुपए (gold price hike) प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि चांदी 4.80% चढ़कर 2,34,700 रुपए (silver price hike) प्रति किलो पहुंच गई। इससे पहले कारोबारी हफ्ते के शुरुआती दो दिनों में दोनों धातुओं में गिरावट रही थी।
अब सवाल है कि यह तेजी अचानक क्यों आई और क्या यह आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने चार अहम पॉइंट्स में निवेशकों के लिए रणनीति बताई, जिससे तय होगा कि मौजूदा तेजी टिकेगी या फिर बाजार में दोबारा गिरावट आ सकती है।
सवाल 1: सोने-चांदी की कीमतों में अचानक ये तेजी क्यों आई?
जवाब: हाल ही में सोने में 3.5% और चांदी में 5.25% का जो उछाल देखने को मिला है, वह दरअसल एक ‘तकनीकी उछाल’ (टेक्निकल रिबाउंड) है। मार्च 2026 में सोना 19% से ज्यादा टूट गया था, जो पिछले 40 सालों की सबसे बड़ी गिरावट थी। इसके चलते बाजार में जरूरत से ज्यादा बिकवाली (ओवरसोल्ड) की स्थिति बन गई थी।
इस ताजा उछाल के पीछे मुख्य वजह ग्लोबल टेंशन का कम होना है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम (सीजफायर) को लेकर 15-पॉइंट के ड्राफ्ट पर बातचीत आगे बढ़ी है, जिससे बाजार को राहत मिली।
इसके अलावा, डॉलर इंडेक्स 100 के पार टिकने में नाकाम रहा। ग्लोबल टेंशन में कमी, कमजोर पड़ता डॉलर और शॉर्ट कवरिंग (बिकवाली करने वालों का वापस खरीदारी करना), इन तीनों वजहों ने मिलकर सोने-चांदी को यह तेज उछाल दिया।
सवाल 2: क्या सोने-चांदी में ये तेजी आगे भी जारी रहेगी, इसके टारगेट क्या हैं?
जवाब: फिलहाल यह तेजी सिर्फ कुछ समय का उछाल (करेक्टिव बाउंस) लग रही है, यह कोई पक्की या लंबी तेजी नहीं है। सोने ने 4,000 से 4,100 डॉलर के आसपास सपोर्ट लिया है, जबकि चांदी 60 डॉलर के करीब संभली है।
अगर शॉर्ट टर्म टारगेट की बात करें, तो शॉर्ट कवरिंग के चलते सोना 4,900 डॉलर (भारतीय करेंसी में 1.63 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम) तक जा सकता है और चांदी 80-82 डॉलर (करीब 2.73 लाख रुपए प्रति किलोग्रम) के लेवल को छू सकती है।
‘गोल्ड-सिल्वर रेशियो’ भी 66 से घटकर 62 पर आ गया है, जो इशारा करता है कि चांदी में फिलहाल थोड़ी ज्यादा तेजी दिख सकती है। लेकिन, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) ने जिस तरह ब्याज दरों पर फिलहाल रोक लगाने और दिसंबर तक दरें बढ़ाने का संकेत दिया है, उससे बाजार का मूड सावधान रहने वाला है। यानी, यह तेजी लंबी नहीं टिकने वाली।
सवाल 3: क्या यहां से कीमतें फिर गिर सकती हैं, नीचे में दाम कहां तक जा सकते हैं?
जवाब: हां, मौजूदा उछाल के बावजूद बड़ी गिरावट का खतरा अभी टला नहीं है। सोने का तुरंत का सपोर्ट 4,000 डॉलर पर है। अगर यह लेवल टूटता है, तो सोना फिसलकर 3,450 से 3,500 डॉलर (भारतीय करेंसी में 1.15 लाख रुपए से 1.16 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक) तक जा सकता है।
वहीं चांदी, जो 100 डॉलर के ऊपर टिकने में नाकाम रही, फिलहाल 70 डॉलर के पास सपोर्ट ले रही है, लेकिन यह 50-53 डॉलर (भारतीय करेंसी में 1.76 लाख रुपए प्रति किलोग्राम) तक भी धड़ाम हो सकती है।
इसके पीछे कई बड़े कारण हैं- मजबूत होता डॉलर इंडेक्स (100 के करीब), 2.4% से ऊपर जाती महंगाई दर और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका। जब तक सोना 5,100 डॉलर के पार मजबूती से नहीं निकलता, अगले 4-5 महीनों तक बाजार में दबाव और कमजोरी बनी रह सकती है।
सवाल 4: निवेश के लिए क्या बेहतर है- सोना या चांदी? निवेशकों को अभी क्या करना चाहिए?
जवाब: मौजूदा हालात में चांदी के मुकाबले सोने में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित और बेहतर विकल्प है। ‘गोल्ड-सिल्वर रेशियो’, जो फरवरी 2026 में गिरकर 43.50 पर आ गया था, वह अब 62 के करीब है और इसके 75 तक जाने की उम्मीद है। इसका सीधा मतलब है कि सोना, चांदी के मुकाबले ज्यादा अच्छा प्रदर्शन करेगा।
चांदी अपने ऊपरी स्तरों से 50% से ज्यादा टूट चुकी है, जबकि सोने में सिर्फ 26% के करीब गिरावट आई है, जो दिखाता है कि चांदी में रिस्क बहुत ज्यादा है। सोने को दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी (2026 में करीब 850 टन) और ‘सुरक्षित निवेश’ (सेफ हैवन) होने का भरपूर सपोर्ट मिल रहा है।
अजय केडिया ने निवेशकों को सलाह दी है कि इस वक्त सावधानी से कदम बढ़ाएं। एकमुश्त बड़ा पैसा लगाने के बजाय ‘सिप’ (SIP) की तरह थोड़ा-थोड़ा करके सोने में निवेश (Staggered accumulation) करना सबसे अच्छी और सुरक्षित रणनीति रहेगी।

