नई दिल्ली।
संसद का मौजूदा बजट सत्र गुरुवार को पूरी तरह समाप्त होने के बजाय अस्थायी रूप से स्थगित किया जा सकता है। सरकार अप्रैल के तीसरे सप्ताह में दो से तीन दिन के लिए संसद की कार्यवाही फिर से बुलाने की योजना बना रही है। इसका मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन से जुड़ा विधेयक पेश करना बताया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, यह सत्र 28 जनवरी को शुरू हुआ था और 2 अप्रैल को समाप्त होना निर्धारित था। हालांकि अब इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने के बजाय एक निश्चित तिथि के साथ स्थगित किया जा सकता है, ताकि जरूरी विधायी कार्य पूरे किए जा सकें।
सरकार की योजना लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने की है। इसके साथ ही महिलाओं के लिए कम से कम 273 सीटें आरक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। यह प्रस्ताव महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि आगामी संक्षिप्त सत्र के दौरान न केवल नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन बल्कि परिसीमन आयोग से संबंधित विधेयक भी लाया जा सकता है। इससे भविष्य में चुनावी क्षेत्रों के पुनर्गठन का रास्ता साफ होगा।
लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति गुरुवार को सदनों की कार्यवाही स्थगित करने के साथ-साथ अगली बैठक की तारीख की घोषणा कर सकते हैं। इस फैसले को राजनीतिक और संसदीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

