GPM NEWS // जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही अंतर्गत वन मंडल मरवाही में पदस्थ वन रक्षक राजेश पंकज को उसाड़ परिसर से हटाकर धपलीपानी परिसर भेज दिया गया है। यह कार्रवाई डीएफओ के आदेश पर किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि विभाग की ओर से आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
*पर्दा डालने की कोशिश?*
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, राजेश पंकज पर लकड़ी तस्करी को लेकर गंभीर आरोप लगे थे। मामला उजागर होने के बाद विभाग ने उन्हें उसाड़ परिसर से हटाकर धपलीपानी परिसर में पदस्थ कर दिया।
सूत्रों का यह भी दावा है कि अब तक न तो किसी प्रकार की निलंबन कार्रवाई की गई है और न ही इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज की गई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
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*डीएफओ की कार्रवाई पर उठे सवाल*
वन विभाग की इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में कई सवाल उठ रहे हैं। यदि आरोप गंभीर हैं, तो केवल स्थानांतरण क्यों? क्या विभागीय जांच प्रारंभ की गई है? क्या भविष्य में कोई अनुशासनात्मक या कानूनी कार्रवाई होगी?
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि आरोपों में सच्चाई है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, अन्यथा इसे केवल औपचारिक कार्रवाई या लीपापोती माना जाएगा।
अब देखना यह है कि वन मंडल मरवाही इस पूरे मामले में आगे क्या कदम उठाता है और क्या आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाती है।
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