जिले के स्थापना दिवस पर आयोजित अरपा महोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हिंदी साहित्य की प्रथम मौलिक कहानी ‘एक टोकरी भर मिट्टी’ के 125 वर्ष पूर्ण होने पर जिला प्रेस क्लब द्वारा प्रकाशित विशेष पत्रिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने पंडित माधवराव सप्रे के साहित्यिक योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि यह कहानी हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर है और इसके 125 वर्ष पूरे होना साहित्य जगत के साथ-साथ पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
उन्होंने साहित्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साहित्य समाज को संवेदनशील बनाता है, वहीं पत्रकारिता समाज को दिशा देने का कार्य करती है। ऐसी पहलें नई पीढ़ी को अपनी भाषा, संस्कृति और साहित्य से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रेस क्लब और जिले के पत्रकारों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि साहित्यिक परंपराओं को जीवित रखने के लिए इस तरह के आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में जिले से सकारात्मक पहलें जारी रहेंगी।
इस अवसर पर मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची, जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा, कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, विभिन्न समाज प्रमुख, जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के अधिकारी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।
माधवराव सप्रे की साहित्यिक विरासत को नमन मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पंडित माधवराव सप्रे की साहित्यिक विरासत को नमन किया। उन्होंने बताया कि ‘एक टोकरी भर मिट्टी’ कहानी ने साहित्य की दुनिया में एक नई दिशा दी और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। यह पत्रिका इसी भावना को आगे बढ़ाने का एक प्रयास है।
नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने की पहल पत्रिका का विमोचन नई पीढ़ी को साहित्य की ओर आकर्षित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के प्रयासों की प्रशंसा की और कहा कि यह आयोजन न केवल साहित्यिक मूल्यों को संरक्षित करता है, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक पहचान से भी जोड़ता है।