युद्ध, आपदा या मुसीबत के समय में सोना सबसे अच्छा निवेश माना गया है। इसी को देखते हुए पिछले कुछ सालों से प्रॉपर्टी और FD के अलावा ज्यादातर लोग सोने और चांदी पर भी तगड़ा इन्वेस्टमेंट (Gold Silver Investment) कर रहे हैं। फिजिकल गोल्ड के अलावा ETF पर भी आम लोगों का निवेश हैं। लेकिन बीते कुछ महीनों में सोने के अलावा चांदी खरीदने वाले लोगों में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है।

चांदी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए कई लोगों ने आंख मूंद कर चांदी पर निवेश किया है, लेकिन चांदी पर पैसा लगाना सही या नहीं इसके बारे में जानना बहुत जरूरी है। ऑल बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट योगेश सिंघल ने बिजनेस के खास बातचीत में चांदी पर निवेश को लेकर जरूरी बातें बताई हैं।

चांदी पर एकमुश्त पैसा लगाना कितना सही?

अगर आप भी सोने और चांदी पर पैसे लगाते हैं या लगाने की सोच रहे हैं तो मार्केट स्टडी और एक्सपर्ट की सलाह मायने रखती है। बातचीत के दौरान योगेश सिंघल ने चांदी में पैनिक इन्वेस्टमेंट से बचने की सलाह दी है। चांदी की बढ़ती कीमतों के बीच भी उन्होंने सोना खरीदने की बात पर जोर दिया है। सिंघल का मानना है कि सोने के गहने पर निवेश करना अधिक फायदेमंद है।

चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड से कितना फायदा?

इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, बैट्री और सोलर में चांदी का प्रयोग बढ़ने से चांदी की मांग और कीमत में तेज उछाल देखा गया है। हालांकि इसके बावजूद भी योगेश सिंघल ने अधिक निवेश बढ़ाने से बचने की सलाह दी है। ये बात सच है कि चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ी है लेकिन इसके सब्स्टीट्यूट प्रोडक्ट भी आने लगे हैं साथ ही भविष्य में और अधिक बढ़ाए जा सकते हैं।

सोने-चांदी की कीमत में ये अंतर जान लें

सोने या चांदी में एकमुश्त पैसा लगाने की सोच रहे हैं तो कीमतों के उतार-चढ़ाव और बाजार की अच्छी समझ होनी चाहिए। सिंघल का मानना है कि 10 ग्राम सोने की कीमत 01 किलो चांदी की कीमत के आसपास होनी चाहिए। आज के समय में इन दोनों की कीमतों के बीच बहुत बड़ा अंतर देखा जा रहा है ऐसे में चांदी के पीछे एक साथ बड़ा पैसा लगाने से बचने की सलाह दी है।

अभी भी सोने पर निवेश करना सस्ता है

सोने-चांदी की कीमत के बीच जो गैप है उसके हिसाब से सोने पर निवेश करना अभी भी चांदी के मुकाबले सस्ता बताया जा रहा है। अगर आप एकमुश्त पैसा लगाने की सोच रहे हैं तो चांदी की बजाय सोने पर इन्वेसमेंट बढ़ाएं। सोने में भी बिस्किट या Gold ETF की बजाय गहने बनवाना अधिक फायदेमंद है। गहनों को लेकर हमारे देश में भावनात्मक लगाव होता है जिससे उसे लंबे समय तक टिका के रख पाना भी आसान माना जाता है।