बिलासपुर // सिविल लाइन थाने के बाहर आज उस समय माहौल गर्मा गया, जब सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता और पदाधिकारी FIR वापस लेने की मांग को लेकर घेराव करने पहुंच गए। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि जनता के मुद्दों पर हुए शांतिपूर्ण आंदोलन के बाद सरकार ने झूठी FIR दर्ज कर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो वे कल से बड़े स्तर पर जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगे।
महिला कांग्रेस की प्रदेश महामंत्री शिल्पी तिवारी ने बताया कि 27 तारीख को बिजली, सड़क, धान और महिला सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों को लेकर कांग्रेस द्वारा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया गया था। ज्ञापन सौंपने पहुंचे नेताओं पर अचानक FIR दर्ज कर दी गई, जिसके विरोध में आज सभी कार्यकर्ता थाने का घेराव करने पहुंचे। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए दमनकारी नीति अपना रही है।
शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि यदि हजारों की संख्या में आंदोलन चल रहा हो और किसी एक व्यक्ति द्वारा कोई अभद्रता हो जाए, तो उसका समाधान FIR दर्ज करना नहीं है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि प्रदर्शन पूरी तरह जनता के हित में किया जा रहा था, लेकिन सरकार ने आंदोलन की अगुवाई कर रहे पदाधिकारियों पर जानबूझकर FIR करा दी है।
ग्रामीण जिला अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि जनता के मुद्दों को उठाते समय आंदोलन बिल्कुल शांतिपूर्ण था, बावजूद इसके प्रशासन ने वॉटर कैनन चलाया और पुलिस बल का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्यकर्ता ने मुख्यमंत्री के पोस्टर के साथ अभद्रता की है, तो वह खेद व्यक्त करते हैं, लेकिन FIR दर्ज करना सही नहीं है। साथ ही चेतावनी दी कि आने वाले समय में जब कांग्रेस सत्ता में होगी और भाजपा विपक्ष में, तो ऐसे FIR दर्ज होना भाजपा भी सहन करेगी।

