कोरबा/ पसान /24/01/26// कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत प्रस्तावित रुंगटा कोल माइंस प्राइवेट लिमिटेड को निरस्त करने एवं क्षेत्र की अन्य जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोगपा) के तत्वाधान में बीजाडांड में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन अब व्यापक रूप लेता जा रहा है।

कोरबा , रुंगटा कोल माइंस, आदिवासी आंदोलन
धरना आंदोलन का आज 14वां दिन है और इसके समर्थन में अब रामपुर, लोकड़ाहा, सुखबहरा, लैंगा, सासीन सहित कई अन्य गांवों में भी विरोध शुरू हो चुका है। बड़ी संख्या में आदिवासी ग्रामीण आंदोलन से जुड़ते जा रहे हैं, जिससे प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रस्तावित कोल माइंस क्षेत्र पूरी तरह आदिवासी बहुल इलाका है। यदि खनन परियोजना को मंजूरी दी जाती है, तो सैकड़ों आदिवासी परिवार बेघर हो जाएंगे, उनकी कृषि भूमि, जंगल, जलस्रोत और पारंपरिक जीवनशैली पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना ग्रामसभा की सहमति और आदिवासी समाज से चर्चा किए ही खनन प्रस्ताव आगे बढ़ाया जा रहा है, जो पेसा कानून और संविधान के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन और जंगल नहीं छोड़ेंगे और यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
धरना स्थल पर लगातार नारेबाजी, जनसभाएं और रणनीतिक बैठकों का दौर जारी है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
धरना प्रदर्शन बीजाडांड़ 14 day
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