छत्तीसगढ़ में तेंदुओं की खाल के साथ अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 9 आरोपी गिरफ्तार; फरार साथियों की तलाश तेज

IMG-20230522-WA0021
previous arrow
next arrow
CG City News

बलरामपुर (छत्तीसगढ़):
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग की संयुक्त टीम ने दो तेंदुओं की खाल के साथ एक अंतरराज्यीय गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय वन्यजीव तस्करों के नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर फरार संदिग्धों की तलाश भी तेज कर दी गई है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई। टीम को सूचना मिली थी कि कुछ लोग तेंदुए की खाल बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने रणनीति बनाकर इलाके में घेराबंदी की और मोटरसाइकिल सवार दो संदिग्धों को रोका। तलाशी लेने पर उनके पास से एक तेंदुए की खाल बरामद हुई।

प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद वन विभाग ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की और कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से एक और तेंदुए की खाल बरामद की गई है। इस तरह कुल दो तेंदुओं की खाल बरामद हुई है।

अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी छत्तीसगढ़ के अलावा झारखंड और उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, जिससे यह साफ होता है कि यह एक अंतरराज्यीय गिरोह है, जो लंबे समय से वन्यजीव तस्करी में संलिप्त हो सकता है। हालांकि, आरोपियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि तेंदुओं की खाल उन्हें कहां से मिली।

वन विभाग को आशंका है कि इन आरोपियों ने स्वयं शिकार किया हो सकता है या फिर किसी अन्य शिकारियों से खाल प्राप्त की होगी। फिलहाल इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसमें और कौन-कौन शामिल हैं और यह गिरोह किन-किन राज्यों में सक्रिय है।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि तेंदुआ एक संरक्षित वन्यजीव है और उसकी खाल की तस्करी एक गंभीर अपराध है। इस तरह की घटनाएं न केवल वन्यजीवों के अस्तित्व के लिए खतरा हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन को भी प्रभावित करती हैं। इसलिए ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई बेहद जरूरी है।

स्थानीय प्रशासन और वन विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें वन्यजीवों के शिकार या तस्करी से जुड़ी कोई जानकारी मिलती है, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। इस तरह की सूचनाएं वन्यजीव संरक्षण में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

इस कार्रवाई को वन विभाग की बड़ी सफलता माना जा रहा है, लेकिन साथ ही यह भी संकेत मिलता है कि वन्यजीव तस्करी का नेटवर्क अब भी सक्रिय है और इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार सख्ती और सतर्कता की जरूरत है।


CG City News

Related Articles

[td_block_social_counter facebook="tagdiv" twitter="tagdivofficial" youtube="tagdiv" style="style8 td-social-boxed td-social-font-icons" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjM4IiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3Njh9" custom_title="Stay Connected" block_template_id="td_block_template_8" f_header_font_family="712" f_header_font_transform="uppercase" f_header_font_weight="500" f_header_font_size="17" border_color="#dd3333"]

Latest Articles