कोरबा / कोरबी // कोरबी स्वामी आत्मानंद स्कूल अव्यवस्था का मामला सामने आ रहा है, विकासखण्ड पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत कोरबी स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल की व्यवस्थाएं बुरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि शिक्षक अपनी मनमानी पर उतर आए हैं और इसका सीधा असर छात्रों के मानसिक व शैक्षणिक विकास पर पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार स्कूल में अनुशासन और नियंत्रण की स्थिति बेहद कमजोर है, जिसके चलते हर कोई स्वयं को प्राचार्य समझने लगा है।*
जानकारी के अनुसार स्कूल में शिक्षकों की अनुपस्थिति के बावजूद उपस्थिति दर्ज कर ली जाती है। एक-दूसरे के सहारे हाजिरी बैंक डेट पर बराबर लगाई जा रही है। शिक्षकों की कमी का हवाला देते हुए कोरबी इंग्लिश मीडियम और हिंदी माध्यम स्कूल में एक ही प्राचार्य पदस्थ किया गया है। वर्तमान में मुरलीधर साहू प्राचार्य हैं, उनके न रहने पर आर.एस. तंवर को प्रभार मिलता है, लेकिन उनके अनुपस्थित रहने पर शिक्षक एस.के. दिनकर स्वयं को प्राचार्य मानते हुए छात्रों से तानाशाही रवैया अपनाते हैं।
कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत कोरबी स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में गंभीर अव्यवस्थाओं के आरोप सामने आए हैं। शिक्षकों की मनमानी, छात्रों का मानसिक उत्पीड़न, शौचालय संकट और RTE अधिनियम उल्लंघन को लेकर प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
आरोप है कि शिक्षक एस.के. दिनकर शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 17 का उल्लंघन करते हुए छात्रों को चिल्लाकर, डरा-धमकाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। इस व्यवहार से कई छात्र-छात्राओं में इतना भय व्याप्त हो गया कि वे 2-3 दिन तक स्कूल आने से कतराने लगे। यह आरोप स्वयं छात्रों द्वारा लगाए गए हैं।
कोरबी स्वामी आत्मानंद स्कूल अव्यवस्था
दिनांक 15 दिसंबर 2025 को परीक्षा के बाद छात्रों को करीब डेढ़ घंटे तक लाइन में खड़ा रखे जाने का मामला भी सामने आया है। बताया गया कि एनएसएस भ्रमण में जाने से मना करने पर छात्रों पर दबाव बनाया गया और धमकी दी गई। वहीं, शिक्षक स्वयं को स्काउट-गाइड और एनसीसी से जुड़ा बताते हैं, लेकिन वर्षों से स्कूल में कोई खेलकूद या गतिविधि आयोजित नहीं की गई।
पर्यावरण संरक्षण की बात करें तो एक ओर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान चलाया गया, वहीं दूसरी ओर तीन वर्ष पुराने छह पेड़ों को कथित रूप से कटवा दिया गया। जब इस पर प्राचार्य से सवाल किया गया तो उन्होंने असहायता जताई, जिससे स्पष्ट होता है कि शिक्षक उनके नियंत्रण से बाहर हैं।
कोरबी स्वामी आत्मानंद स्कूल अव्यवस्था
सबसे चिंताजनक स्थिति शौचालय व्यवस्था को लेकर है। छात्राओं और शिक्षिकाओं को मजबूरी में स्कूल के बाहर निजी मकानों या टूटी दीवारों का सहारा लेना पड़ रहा है। इस संबंध में शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पहले भी उच्च अधिकारियों से शिक्षक के खिलाफ शिकायत की जा चुकी है, लेकिन वह फाइलों तक ही सीमित रह गई। अब सवाल यह है कि क्या ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई होगी या छात्र हिटलरशाही रवैये को सहने को मजबूर रहेंगे। क्या प्रशासन छात्रों के भविष्य और मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए आगे आएगा, या कोरबी स्कूल की स्थिति


