पीएमजीएसवाई: उत्तराखंड के गांवों तक पहुंचेगा विकास, बनेगी हजारों किमी नई सड़क

IMG-20230522-WA0021
previous arrow
next arrow
CG City News

केंद्र ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत उत्तराखंड समेत छह राज्यों के लिए 10,000 किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इससे देशभर के 3,270 गांव जुड़ेंगे। उत्तराखंड में यह योजना दूरस्थ और आपदा-संवेदनशील क्षेत्रों को बड़ी राहत देगी, जिससे स्वास्थ्य, शिक्षा और बाजार तक पहुंच आसान होगी। यह ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगी।

HighLights

  1. केंद्र ने 10,000+ किमी ग्रामीण सड़कों को छह राज्यों में मंजूरी दी
  2. उत्तराखंड के दूरस्थ और आपदा-संवेदनशील क्षेत्रों को मिलेगी बड़ी राहत
  3. स्वास्थ्य, शिक्षा, बाजार पहुंच और ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

 उत्तराखंड के पहाड़ी गांवों में सड़क आज भी सबसे बड़ी जरूरत है। कहीं अस्पताल दूर है, कहीं स्कूल और कहीं बाजार। ऐसे में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत लिया गया फैसला उत्तराखंड के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। केंद्र ने उत्तराखंड समेत छह राज्यों के लिए 10,000 किलोमीटर से अधिक लंबी ग्रामीण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

इन सड़कों के बनने से देशभर में करीब 3,270 ऐसे गांव और बस्तियां जुड़ेंगी, जो अब तक सड़क सुविधा से कटे हुए थे। उत्तराखंड में इसका सीधा फायदा उन दूरस्थ और आपदा-संवेदनशील इलाकों को मिलेगा, जहां आज भी पहुंचना आसान नहीं है। सरकारी आकलन के मुताबिक उत्तराखंड में अभी भी हजारों किलोमीटर ग्रामीण सड़कों की जरूरत बनी हुई है। कई गांव ऐसे हैं, जहां सड़क तो हैं लेकिन वह कच्ची है या हर मौसम में चलने लायक नहीं है। कहीं बरसात में रास्ता कट जाता है, तो कहीं भूस्खलन के कारण महीनों संपर्क टूट जाता है। ऐसे में नई सड़कों के साथ-साथ मौजूदा सड़कों को आल वेदर बनाने की भी बड़ी जरूरत है।

पीएमजीएसवाई-4 के तहत उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। योजना के अनुसार वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर 250 से अधिक आबादी वाले गांवों को सड़क से जोड़ा जाना है। इससे छोटे और दूर बसे गांव भी योजना के दायरे में आ सकेंगे। इस योजना का लक्ष्य देशभर में 62,500 किलोमीटर लंबी हर मौसम में उपयोग योग्य ग्रामीण सड़कें बनाना है। इसके साथ जरूरी जगहों पर पुलों का निर्माण भी किया जाएगा।

उत्तराखंड में पुल इसलिए अहम हैं, क्योंकि बरसाती नदियां और गधेरे हर साल कई रास्तों को तोड़ देते हैं। उत्तराखंड में इस योजना से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार गांव के और करीब आएंगे। किसानों, बागवानों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी। साथ ही ग्रामीण पर्यटन और होम-स्टे जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।


CG City News

Related Articles

[td_block_social_counter facebook="tagdiv" twitter="tagdivofficial" youtube="tagdiv" style="style8 td-social-boxed td-social-font-icons" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjM4IiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3Njh9" custom_title="Stay Connected" block_template_id="td_block_template_8" f_header_font_family="712" f_header_font_transform="uppercase" f_header_font_weight="500" f_header_font_size="17" border_color="#dd3333"]

Latest Articles

error: Content is protected !!