आज कंपनी से लेकर सरकारी स्कीम तक हर जगह पैन कार्ड मांगा जा रहा है। ये भी आज आधार कार्ड की तरह जरूरी दस्तावेज बन गया है। आधार कार्ड की तरह पैन कार्ड (Pan Card) में भी 10 अंकों की यूनिक आईडी दी जाती है। इस यूनिक आईडी में ही आपके बारे में कई जानकारी छिपी होती है। आइए इनके बारे में एक-एक करके जानते हैं।
आज कंपनी से लेकर सरकारी स्कीम तक हर जगह पैन कार्ड मांगा जा रहा है। ये भी आज आधार कार्ड की तरह जरूरी दस्तावेज बन गया है। आधार कार्ड की तरह पैन कार्ड (Pan Card) में भी 10 अंकों की यूनिक आईडी दी जाती है। इस यूनिक आईडी में ही आपके बारे में कई जानकारी छिपी होती है। आइए इनके बारे में एक-एक करके जानते हैं।
आज हम जानेंगे कि पैन कार्ड में लिखें 10 नंबरो का अर्थ क्या है।
क्या है पैन नंबर का मतलब?
पैन कार्ड पर दिए गए यूनिक आईडी आपके में कई जानकारी देते हैं। ये कुछ इस प्रकार है-
पैन नंबर में दिए गए पहले तीन नंबर अंग्रेजी अक्षर होते हैं। ये AAA अक्षर से लेकर ZZZ तक हो सकते हैं।
चौथा अक्षर ये दर्शाता है कि कार्ड होल्डर किस टैक्स कैटेगरी में आता है। मसलन अगर कोई व्यक्ति कार्डहोल्डर है, तो उसे P अक्षर से दर्शाया जाता है। इसके अलावा कंपनी को C अक्षर से शो किया जाता है।
पांचवा नंबर आपके सरनेम का पहला अक्षर लिखा गया होता है। जैसे अगर सरनेम शर्मा (Sharma) है, तो 5 वां नंबर S लिखा जाएगा। बाद के नंबर इनकम टैक्स विभाग द्वारा तय किए जाते हैं।
कितने कैटेगरी के होते हैं Pan Card?
पैन कार्ड कंपनी, व्यक्ति और विदेशी नागरिकों के अलग-अलग होते हैं। अगर कोई भारतीय नागरिक पैन कार्ड बनाना चाहता है, तो उसे फॉर्म नंबर 49A भरना होगा। इसके अलावा अगर कोई विदेशी नागरिक पैन कार्ड बनाना चाहता है, तो उसे फॉर्म नंबर 49AA भरना पड़ेगा।
पैन कार्ड का इस्तेमाल आईटीआर फाइल करते वक्त, किसी स्कीम में अप्लाई करते वक्त, बैंक अकाउंट खोलते वक्त आदि कामों के लिए किया जाता है। इसके अलावा अगर आप कोई सरकारी स्कीम से वित्तीय लाभ उठा रहे हैं, तो भी आपको पैन कार्ड की जरूरत होती है।
यहां तक की अगर सरकार की ओर से सब्सक्रिप्शन मिल रहा है, तो भी आप पैन कार्ड का इस्तेमाल होता है।


