पश्चिम बंगाल के जाने-माने नेता और पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री मुकुल रॉय का 23 फरवरी(सोमवार) की सुबह कार्डियक अरेस्ट से कोलकाता में निधन हो गया। उन्होंने 71 साल की उम्र में साल्ट लेक के प्राइवेट अस्पताल अपोलो में रात करीब 1:30 बजे आखिरी सांस ली।

ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सबसे बड़े रणनीतिकार में से एक माने जाने वाले रॉय के लंबे पॉलिटिकल करियर में पाला बदलना, मंत्री पद और दलबदल को लेकर लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी थी।

राजनीति से पहले ही बना चुके थे दूरी

रॉय हाल के सालों में अपनी हेल्थ खराब होने की वजह से एक्टिव पॉलिटिक्स से काफी हद तक हट गए थे। डॉक्टरों ने 2023 की शुरुआत में बताया था कि वे डिमेंशिया और पार्किंसंस बीमारी से जूझ रहे थे, इन बीमारियों ने उनकी सोचने-समझने की क्षमता और शारीरिक क्षमता को काफी कम हो गया था।

इन बीमारियों से थे ग्रसित

मार्च 2023 में हाइड्रोसेफेलस के लिए ब्रेन सर्जरी हुई। इस डिसऑर्डर में दिमाग में सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड जमा होने से होता है, जिससे इंट्राक्रेनियल प्रेशर बढ़ जाता है। जुलाई 2024 में उनके घर पर गिरने से सिर में चोट लगने और ब्लड क्लॉट हटाने के लिए सर्जरी के बाद उनकी हालत और खराब हो गई।

क्रोनिक डायबिटीज, सांस लेने में दिक्कत और लगातार हाई ब्लड शुगर लेवल की भी दिक्कत थी, इन वजहों से उनके साथियों ने उनके आखिरी सालों में उनकी सेहत को लगातार कमजोर हो गई थी।