सीटी स्कैन में पता चला कि युवक की 20 से अधिक पसलियां टूट चुकी हैं और डायफ्राम, जो सीने और पेट को अलग करता है, बुरी तरह फट गया है। इस वजह से लीवर, आंत और आमाशय जैसे महत्वपूर्ण अंग अपनी जगह से खिसककर सीने में पहुंच गए थे।
सीटी स्कैन में पता चला कि युवक की 20 से अधिक पसलियां टूट चुकी हैं और डायफ्राम, जो सीने और पेट को अलग करता है, बुरी तरह फट गया है। इस वजह से लीवर, आंत और आमाशय जैसे महत्वपूर्ण अंग अपनी जगह से खिसककर सीने में पहुंच गए थे।
गंभीर स्थिति को देखते हुए युवक को तत्काल रायपुर स्थित एम्स में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद तुरंत ऑपरेशन का फैसला लिया। सर्जरी विभाग की टीम ने करीब पांच घंटे तक चली जटिल सर्जरी के दौरान सीने और पेट को एक साथ खोलकर अंगों को सावधानीपूर्वक उनकी सही स्थिति में वापस स्थापित किया।
डॉक्टरों ने डायफ्राम के फटे हिस्से को विशेष मेडिकल मेश की मदद से ठीक किया और अंदरूनी रक्तस्राव को नियंत्रित किया। ऑपरेशन के बाद संक्रमण और निमोनिया के खतरे को देखते हुए युवक को आईसीयू में रखा गया, जहां उसे लगातार निगरानी और दर्द नियंत्रण उपचार दिया गया।
करीब 15 दिनों तक चले इलाज और देखभाल के बाद युवक पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट गया। डॉक्टरों के अनुसार यह मामला बेहद जटिल और दुर्लभ था, जिसमें समय पर इलाज नहीं मिलता तो जान बचाना मुश्किल हो सकता था। एम्स प्रबंधन ने इस सफल सर्जरी के लिए पूरी मेडिकल टीम की सराहना की है। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के मामलों में बाहरी लक्षणों के आधार पर स्थिति को हल्के में नहीं लेना चाहिए और गंभीर चोट की आशंका होने पर तुरंत विस्तृत जांच कराना जरूरी है।

