कोरबा / पसान // कोरबा जिले के पसान ग्राम में भूमाफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्होंने सरकारी स्कूल के पास बने 70 साल पुराने ऐतिहासिक रंगमंच को ही बुलडोजर चलवाकर जमींदोज कर दिया। यह वही रंगमंच था, जिस पर वर्षों से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थी सांस्कृतिक कार्यक्रम और शैक्षणिक आयोजन करते आ रहे थे। बताया जा रहा है कि इस रंगमंच को मिट्टी में मिलाने के लिए भूमाफियाओं ने जानबूझकर ऐसा दिन चुना जब शासकीय अवकाश था, ताकि न तो कोई अधिकारी मौके पर पहुंचे और न ही किसी को इसकी भनक लग सके।
बुलडोज़र चलने के बाद रंगमंच

यह मामला सिर्फ एक रंगमंच के टूटने का नहीं, बल्कि सरकारी संपत्तियों को लीलते जा रहे भूमाफियाओं के बढ़ते तांडव का प्रतीक है। शासन ने बच्चों की शिक्षा और खेलकूद को ध्यान में रखते हुए रोड किनारे से लेकर खेल मैदान तक करीब बत्तीस एकड़ जमीन स्कूल के लिए आरक्षित की थी, लेकिन भूमाफियाओं ने इस भूमि को भी टुकड़ों में बेच डाला। अब स्थिति यह है कि स्कूल के आस-पास भविष्य के लिए एक भी सुरक्षित जमीन नहीं बची है।
70 साल पुराना रंगमंच जहाँ स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रम होते थे

पसान क्षेत्र की हालत यह है कि यहां छोटे झाड़ के जंगल के रूप में दर्ज जमीनों पर भी अतिक्रमण हो चुका है। राजस्व विभाग की नाकामी और बेबसी साफ झलक रही है। सरकारी रोड किनारे की बेशकीमती जमीनें भी अब कब्जाधारियों के चंगुल में हैं। सरकारी आवंटन भूमि को टुकड़ों में बांटकर बेचने वाले गिरोह में नेताओं से लेकर जनप्रतिनिधियों, राजस्व कर्मचारियों और बाहुबलियों तक का गठजोड़ शामिल बताया जा रहा है।

