कोरबा (पसान): जिले के अंतिम छोर में संचालित चिरमिरी क्षेत्र की रानी अटारी विजय वेस्ट भूमिगत कोयला खदान से कोयले का परिवहन नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है। आरोप है कि ट्रांसपोर्टर निर्धारित रूट चार्ट की अनदेखी कर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनी सड़कों से भारी वाहनों का संचालन कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर भारी वाहनों के संचालन से गंभीर हादसों की आशंका बनी हुई है। हाल ही में एक राहगीर ट्रक की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ गया है।
🚛 नियमों की उड़ रही धज्जियां
खदान प्रबंधन द्वारा कोयला लदान एवं परिवहन के लिए स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। प्रत्येक वाहन के लिए रूट चार्ट निर्धारित है, जिसका उल्लेख पीट पास में अनिवार्य रूप से किया जाना होता है। नियमों के उल्लंघन पर वाहनों को ब्लैकलिस्ट करने का प्रावधान भी है।
इसके बावजूद, रानी अटारी विजय वेस्ट के कई ट्रांसपोर्टर खुलेआम इन नियमों की अनदेखी कर प्रतिबंधित मार्गों से कोयला परिवहन कर रहे हैं।
ग्रामीणों में नाराज़गी, शिकायत की तैयारी
प्रतिबंधित मार्ग पर लगातार भारी वाहनों के आवागमन से परेशान ग्रामीणों ने अब कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) से शिकायत करने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है।
🗣️ प्रबंधन ने भी जताई नाराज़गी
इस संबंध में सबरिया मैनेजर ने बताया कि उनके द्वारा पूर्व में पत्र जारी कर प्रतिबंधित मार्गों पर परिवहन रोकने के निर्देश दिए जा चुके हैं। साथ ही, थाना स्तर पर जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से ट्रांसपोर्टरों के हौसले बुलंद हैं। जबकि पसान पुलिस द्वारा लगातार वन अवरोध बैरियर मातिन दाई के पास लगातार वाहनों की चेकिंग की जाती है, परन्तु उन्हें आज तक एक भी ट्रेलर गलत रूट से जाते नहीं दिखी, अगर एक भी गाड़ियों पर चलानी कार्यवाही हो जायगी तो अवरुद्ध मार्ग से भारी वाहनों का आवागमन रुक जायगा
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