रायपुर: छत्तीसगढ़ के कोपरा जलाशय ने प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है. कोपरा जलाशय छत्तीसगढ़ में पहला ऐसा जलाशय है जो रामसर साइट बन गया है. इसकी घोषणा के बाद पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी का माहौल है. आइए जानते हैं रामसर साइट किसे कहा जाता है.
क्या है रामसर साइट का दर्जा ?
रामसर साइट का दर्जा उन आर्द्रभूमियों को दिया जाता है जो जैवविविधता, जल संरक्षण और पर्यावरणीय महत्व के लिए वैश्विक स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो रामसर साइट( Ramsar Site) एक ऐसी आर्द्रभूमि यानि की वेटलैंड को कहा जाता है जिन्हें रामसर कन्वेंशन के तहत घोषित किया जाता है. ऐसे साइट का मुख्य उद्देश्य पारिस्थितिकी तंत्रों का संरक्षण करना है.
रामसर कन्वेंशन क्या है जानिए?
रामसर साइट की उतप्ति रामसर कन्वेंशन से हुई है. इस यूनेस्को की तरफ से साल 1971 में स्थापित किया गया था और यह साल 1975 से लागू हुई थी. यह ईरान के रामसर शहर के नाम पर है इसलिए इसे रामसर कहा जाता है. रामसर साइट घोषित होने के बाद वेटलैंड को संरक्षित करने में मदद मिलती है जिससे पारिस्थितिकी तंत्र को कोई नुकसान न पहुंचे. रामसर साइट में झीलें, नदियां, तालाब, दलदल और मैंग्रोव को शामिल किया जाता है. भारत की बात करें तो रामसर साइटों में चिल्का झील को शामिल किया गया है. यह भारत की पहली रामसर साइट है.

