बिलासपुर // पीडीएस राशन कार्डधारियों का अब शीघ्र ही फेस ई-केवाईसी की सुविधा शुरू होने वाली है। अब तक फिंगरप्रिंट न आने, बुजुर्ग होने, बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट न होने या तकनीकी कारणों से एक लाख से अधिक कार्डधारियों की ई-केवाईसी नहीं हो सकी है। खाद्य विभाग ने दावा किया है कि फेस ई-केवाईसी के लिए हैदराबाद की टीम से बात हो चुकी है जल्द ही फेस ई-केवाईसी के माध्यम से चेहरे की पहचान से सत्यापन की प्रक्रिया सरल और तेज होगी।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत ई-केवाईसी से जुड़ी परेशानियों को कम करने के उद्देश्य से खाद्य विभाग ने फेस ई-केवाईसी की सुविधा लागू करने का दावा किया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब हितग्राहियों की पहचान केवल फिंगरप्रिंट के आधार पर नहीं होगी, बल्कि चेहरे की पहचान से भी ई-केवाईसी पूरी की जा सकेगी। इससे छूटे हुए एक लाख से अधिक कार्डधारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनका सत्यापन तकनीकी कारणों से लंबित था। अब तक फिंगरप्रिंट आधारित ई-केवाईसी में कई व्यवहारिक दिक्कतें सामने आई हैं। बुजुर्गों के फिंगरप्रिंट स्पष्ट न होना, श्रमिकों के हाथों की त्वचा घिस जाना,बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट न होना और कुछ मामलों में बीमारी या शारीरिक समस्या के कारण फिंगरप्रिंट न मिल पाना आम समस्या रही है। इन कारणों से बड़ी संख्या में राशनकार्डों का ई-केवाईसी अधूरा रह गया, जिसका सीधा असर राशन आबंटन पर पड़ा है, इस पहल से अब राशनकार्डधारियों को फायदा मिलने वाला है
मुखिया का सत्यापन नहीं सदस्य भुगत रहे :
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खाद्य विभाग ने सभी उचित मूल्य दुकानों को सूचना जारी कर यह स्पष्ट किया है कि एपीएल श्रेणी के ऐसे राशनकार्ड जिनमें तीन से अधिक सदस्य दर्ज हैं और जिनमें किसी भी एक सदस्य की ई-केवाईसी अधूरी है, उनका पूरा आबंटन रोका गया है। इसमें बच्चे, बुजुर्ग, फिंगर प्रिंट न आने वाले हितग्राही या मृत सदस्य का नाम जुड़ा रहना भी कारण माना गया है।
पीडीएसः राशन कार्डधारियों का अब शीघ्र ही फेस ई-केवाईसी की सुविधा शुरू होने वाली है। अब तक फिंगरप्रिंट न आने, बुजुर्ग होने, बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट न होने या तकनीकी कारणों से एक लाख से अधिक कार्डधारियों की ई-केवाईसी नहीं हो सकी है। खाद्य विभाग ने दावा किया है कि फेस ई-केवाईसी के लिए हैदराबाद की टीम से बात हो चुकी है जल्द ही फेस ई-केवाईसी के माध्यम से चेहरे की पहचान से सत्यापन की प्रक्रिया सरल और तेज होगी।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत ई-केवाईसी से जुड़ी परेशानियों को कम करने के उद्देश्य से खाद्य विभाग ने फेस ई-केवाईसी की सुविधा लागू करने का दावा किया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब हितग्राहियों की पहचान केवल फिंगरप्रिंट के आधार पर नहीं होगी, बल्कि चेहरे की पहचान से भी ई-केवाईसी पूरी की जा सकेगी। इससे छूटे हुए एक लाख से अधिक कार्डधारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनका सत्यापन तकनीकी कारणों से लंबित था। अब तक फिंगरप्रिंट आधारित ई-केवाईसी में कई व्यवहारिक दिक्कतें सामने आई हैं। बुजुर्गों के फिंगरप्रिंट स्पष्ट न होना, श्रमिकों के हाथों की त्वचा घिस जाना,बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट न होना और कुछ मामलों में बीमारी या शारीरिक समस्या के कारण फिंगरप्रिंट न मिल पाना आम समस्या रही है। इन कारणों से बड़ी संख्या में राशनकार्डों का ई-केवाईसी अधूरा रह गया, जिसका सीधा असर राशन आबंटन पर पड़ा है, इस पहल से अब राशनकार्डधारियों को फायदा मिलने वाला है
एक लाख लोगों को होगा लाभ
पीडीएस के तहत राशनकार्ड के जरिए सरकारी अनाज लेने वाले एक लाख से अधिक हितग्राहियों को इस माह राशन नहीं मिल पाया है। पॉस मशीन फिंगर प्रिंट नहीं ले रहा है जिसके कारण ई-केवाईसी पूरी नही हुई है। जाहिर सी बात है कि यदि राशनकार्डधारी या सदस्यों को ई केवाईसी नही होने पर राशन आबंटन भी रोक दिया गया है। यदि फेस ई केवासी की प्रक्रिया आरंभ होते ही एक लाख लोगों को इसका लाभ मिलेगा और सरकारी राशन से वंचित होने से बच जाएंगे।
ई-केवाईसी के बावजूद राशन नहीं
यदि 5 दिसंबर 2025 के बाद ई-केवाईसी पूरी की गई है, सदस्य हटाया गया है या शेष सदस्यों का सत्यापन हुआ है, तो ऐसे कार्डों का राशन फरवरी में आबंटन जारी होगा और इसके लिए कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि जिनकी ई-केवाईसी समय-सीमा से पहले ही पूरी हो चुकी थी, फिर भी उनके राशन का आबंटन जारी नहीं हुआ। ऐसे हितग्राही लगातार राशन दुकानों और खाद्य विभाग के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं,
ईकेवासी में आएगी तेजी
बुजुर्ग कार्डधारियों के नामिनी वाले कार्ड में राशन आबंटन जारी है, फिंगर प्रिंट न आने वाले कार्डधारियों के लिए अब हैदराबाद की टीम फेस ईकेवाईसी करेगी, इससे ईकेवाईसी की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
अमृत कुजूर, फूड कंट्रोलर बिलासपुर

