छत्तीसगढ़ के बलौदा स्थित राजू इलेक्ट्रानिक्स दुकान में भीषण आग लगने से संचालक रमेश देवांगन का 18 वर्षीय पुत्र जिंदा जल गया। शॉर्ट सर्किट से लगी इस आग पर काबू पाने में छह घंटे लगे, जिसमें एनटीपीसी सहित कई दमकल गाड़ियों को मशक्कत करनी पड़ी। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दीवारों को तोड़कर अंदर पानी और फोम डालना पड़ा, जिससे स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका।
- बलौदा की इलेक्ट्रानिक्स दुकान में आग से बेटे की मौत।
- शॉर्ट सर्किट से लगी आग, 6 घंटे में बुझाई गई।
- आग बुझाने के लिए दुकान की दीवारें तोड़नी पड़ीं।
छत्तीसगढ़ के बलौदा जिला मुख्यालय पर राजू इलेक्ट्रानिक्स में आग लगने से संचालक रमेश देवांगन का 18 वर्षीय पुत्र जिंदा जल गया। आग की भीषणता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एनटीपीसी सीआइएसएफ अग्निशमन केंद्र के बल सहित एनटीपीसी सीपत, केएसके अकलतरा और मड़वा प्लांट से अतिरिक्त दमकल गाड़ियों को आग पर काबू पाने में छह घंटे लगे। शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
रमेश देवांगन के तीन मंजिला मकान में ही नीचे के तल पर इलेक्ट्रानिक्स की दुकान थी। गुरुवार को रमेश अपने दोनों पुत्रों के साथ दुकान में थे। दोपहर लगभग दो बजे दुकान के अंदर से धुआं निकलने लगा और कुछ ही क्षणों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
आग लगते ही दुकान में रखे टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, कूलर, पंखे सहित अन्य महंगे इलेक्ट्रानिक उपकरण तेजी से जलने लगे। रोशनदान और वेंटिलेशन की कमी ने स्थिति को और बिगाड़ दिया।
चार घंटे बीत जाने के बाद भी जब आग पर काबू नहीं पाया जा सका, तब थाना प्रभारी मनोहर सिन्हा ने मकान के तीन अलग-अलग हिस्सों को तोड़ने का निर्देश दिया। जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से भवन की दीवारों को तोड़ा गया, ताकि अंदर तक पानी और फोम पहुंचाया जा सके। इसके बाद आग पर नियंत्रण पाने में कुछ हद तक सफलता मिली। इस बीच परिवार के अन्य सदस्य छत के रास्ते किसी तरह बाहर निकले।

