कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ ‘आतंकवादी’ टिप्पणी को लेकर चुनाव आयोग द्वारा जारी नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमारे लोग इसका जवाब देंगे।

बुधवार को चुनाव आयोग ने मल्लिकार्जुन खरगे को 24 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम जारी कर तमिलनाडु विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी पर की गई उनकी विवादास्पद टिप्पणी पर स्पष्टीकरण मांगा है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने खरगे का बचाव किया और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की खरगे पर की गई टिप्पणी की आलोचना करते हुए एक वरिष्ठ नेता का अपमान करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि उन्हें राज्य की सभ्य और सांस्कृतिक पहचान को याद रखना चाहिए। भाजपा और आरएसएस का मानना है कि सारा ज्ञान और बुद्धिमत्ता केवल उन्हीं के पास है और बाकी सब उनसे हीन हैं। इससे पहले बुधवार को फडणवीस ने मोदी के खिलाफ खरगे की टिप्पणियों पर जमकर हमला बोला था।

खरगे से माफी मांगने की मांग

उन्होंने कहा था कि यह लगातार हार से उपजे हताशा का नतीजा है। खरगे को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। यह राजनीतिक बयानबाजी तब सामने आई जब खरगे ने तमिलनाडु चुनाव प्रचार के आखिरी दिन विवाद खड़ा कर दिया था।

कांग्रेस अध्यक्ष ने अन्नाद्रमुक की भाजपा को समर्थन देने के लिए आलोचना की थी और प्रधानमंत्री मोदी को ‘आतंकवादी’ बताया था। शब्दों के चयन पर सवाल उठाए जाने पर, खरगे ने अपना बचाव करते हुए दावा किया कि उनका मतलब प्रधानमंत्री पर अपने राजनीतिक विरोधियों को डराने का था।