मलगांव मुआवजा घोटाला मामले में पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर की शिकायत पर सीबीआई ने दर्ज किया अपराध

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CG City News

कोरबा //  सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया की अनुसांगिक कंपनी एसईसीएल बिलासपुर के अधीन कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में ग्राम मलगांव मुआवजा घोटाला मामले में पूर्व गृहमंत्री एवं वर्तमान विधायक ननकीराम कंवर की शिकायत के बाद बड़ी कार्यवाही करते हुए सीबीआई ने अपराध दर्ज किया है। एसईसीएल दीपका क्षेत्र की विस्तार परियोजना के लिए अधिग्रहित ग्राम मलगांव की भूमि में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। सीबीआई रायपुर ने जांच के दौरान मुआवजा भुगतान में अनियमितताओं के प्रमाण मिलने पर कुछ लोगो के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। उक्त मामले में एसईसीएल के कुछ अज्ञात अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
लंबे समय से आरोपों के घेरे में रहे इस आर्थिक घोटाले में एसईसीएल और राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत का मामला गंभीर रूप से उभरकर आया है। शिकायत के बाद की गई प्राथमिक जांच के आधार पर अब कथित आरोपी निजी व्यक्तियों के साथ-साथ एसईसीएल के जिम्मेदार अधिकारियों व राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
उक्त मामले की फिलहाल विवेचना जारी है और हाल ही में सीबीआई/एसीबी की विशेष टीम ने ग्राम मलगांव और रलिया पहुंचकर रिकॉर्ड तथा स्थल निरीक्षण कर जांच को आगे बढ़ाया। जानकारी के अनुसार अब तक 3 करोड़ 44 लाख रुपये का मुआवजा घोटाला पुष्ट हो चुका है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुछ निजी लोगों ने एसईसीएल अधिकारियों के साथ मिलकर शासकीय खजाने से 9 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की। एसीबी/सीबीआई के वेरिफिकेशन में पाया गया कि शासकीय भूमि पर बने घरों के नाम पर 1 करोड़ 60 लाख से अधिक का मुआवजा प्राप्त किया गया। इसके अलावा, दूसरों की जमीन या शासकीय जमीन पर बने ढांचों के लिए एक ही परिवार द्वारा 7 से अधिक बार मुआवजा क्लेम कर 1 करोड़ 83 लाख रुपये से ज्यादा की राशि हासिल की गई।
पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने इस पूरे घोटाले की औपचारिक शिकायत कर जांच की मांग उठाई थी। शिकायत के बाद ही इस प्रकरण को गंभीर आर्थिक आपराधिक षड्यंत्र मानते हुए सीबीआई ने कार्रवाई आगे बढ़ाई। अब मुआवजा वितरण से जुड़े दस्तावेज, फाइलें, निरीक्षण रिपोर्ट और भुगतान प्रक्रिया की परतें खोली जा रही हैं। जांच एजेंसी आने वाले दिनों में कई और अधिकारियों तथा लाभार्थियों से पूछताछ कर सकती है। माना जा रहा है कि इस घोटाले की वास्तविक राशि अभी और बढ़ सकती है।
बताया जा रहा हैं की सीबीआई/एसीबी रायपुर के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर रवि रंजन ने कुछ कथित आरोपियों सहित एसईसीएल के अज्ञात अधिकारियों पर मुकदमा पंजीबद्ध किया है। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांच जारी है।

 


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