अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज में नाकेबंदी की, लेकिन एक चीनी टैंकर इसे पार कर गया। ‘रिच स्टार्री’ नामक यह टैंकर, जिसे अमेरिका ने ईरान के साथ व्यापार के लिए ब्लैकलिस्ट किया था, यूएई से मेथनॉल ले जा रहा था।
ट्रंप का ऑर्डर मिलते ही अमेरिकी नौसेनिकों ने होर्मुज में नाकेबंदी कर दी है। अमेरिकी सेना होर्मुज के चारओं तरफ घेरकर खड़ी हो गई है। लेकिन इसका असर चीन पर नहीं देखने को मिल रहा है। क्योंकि, अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए नाकेबंदी के बावजूद होर्मुज से चीनी टैंकर निकल गया है।
दरअसल, सोमवार की शाम 7.30 बजे (भारतीय समयानुसार) पर अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज में नाकेबंदी कर दी। नाकेबंदी के बाद एक चीनी टैंकर होर्मजु से गुजरा है। हालांकि, अभी तक इसको लेकर अमेरिका या जहाज कंपनी की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।
अमेरिकी नाकेबंदी के बाद गुजरा पहला जहाज
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार एलएसईजी पर शिपिंग डेटा से पता चला है कि अमेरिका की तरफ से प्रतिबंधित एक चीनी टैंकर मंगलवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरा। बताया जा रहा है कि अमेरिका द्वारा नाकेबंदी के बाद यह पहला जहाज है, जो होर्मुज से गुजरा है। डेटा के मुताबिक, जहाज में करीब 2.5 लाख बैरल मेथनॉल लदा था, जिसे UAE के हमरिया पोर्ट से लोड किया गया था।
2023 में अमेरिका ने किया था ब्लैकलिस्ट
चीनी स्वामित्व वाली जो जहाज होर्मुज से गुजरी है, उसका नाम रिच स्टार्री है और यह एक मीडियम दूरी का टैंकर है। इसे पहले फुल स्टार कहा जाता था। यह जहाज 2023 में ईरान को तेल-गैस के व्यापार से जुड़े प्रतिबंधों से बचने में मदद कर रहा था, इसी दौरान इसे अमेरिका ने ब्लैकलिस्ट किया था।
सिग्नल में बताया कौन है मालिक?
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, “यह जहाज 24 घंटे से भी कम समय में दूसरी बार फारस की खाड़ी से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। जब नाकाबंदी शुरू हुई, तब यह जहाज ईरान के केश्म द्वीप के पास इस संकरे समुद्री रास्ते में जा रहा था, लेकिन फिर वापस मुड़ गया। कुछ घंटों बाद इसने फिर से बाहर निकलना शुरू किया। इस दौरान इसने सिग्नल में बताया कि इसका मालिक और चालक दल चीनी है। आमतौर पर इस तरीके का इस्तेमाल जहाज की सुरक्षा के लिए किया जाता है।”
जहाज ट्रैक करने वाली कंपनियों क्लेप्लर और वोर्टेक्सा के अनुसार, एक और जहाज, एलपिस, भी उसी समय ओमान की खाड़ी की तरफ जा रहा था, जब नाकाबंदी शुरू हुई। एलपिस पहले ईरान के एक बंदरगाह पर रुका था, फिर उसने होर्मुज से गुजरने की कोशिश की। नाकाबंदी शुरू होने के बाद से कोई भी ऐसा जहाज, जिसका ट्रांसपोंडर (सिग्नल) चालू हो, फारस की खाड़ी में जाता हुआ नहीं दिखा है।
चीन पहले ही दे चुका है धमकी
गौरतलब है कि चीन के रक्षा मंत्री डोंग जुन ने हाल ही में कहा, “हमारे जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पानी में आ और जा रहे हैं। ईरान के साथ हमारे व्यापार और ऊर्जा के समझौते हैं। हम उन समझौतों का सम्मान करेंगे और उन्हें निभाएंगे, और हम उम्मीद करते हैं कि दूसरे हमारे मामलों में दखल नहीं देंगे।”

