पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत के विमानन क्षेत्र पर भी साफ दिखाई देने लगा है। सुरक्षा चिंताओं और हवाई क्षेत्र में अनिश्चितता के कारण शुक्रवार को देश के चार प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों—मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता—से कुल 142 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं। अचानक हुई इन उड़ान रद्दियों के कारण हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुईं और कई लोगों को एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करना पड़ा।
एयरलाइंस और सरकार दोनों ही स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। कुछ एयरलाइनों ने सीमित रूप से उड़ान संचालन शुरू किया है, जबकि कई सेवाएं अभी भी अस्थायी रूप से बंद हैं।
चार प्रमुख एयरपोर्ट पर दिखा संकट का असर
पश्चिम एशिया की स्थिति का सबसे ज्यादा असर भारत के उन हवाई अड्डों पर पड़ा है जहां से खाड़ी देशों के लिए बड़ी संख्या में उड़ानें संचालित होती हैं। मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट इस संकट से प्रभावित हुए।
इन चारों हवाई अड्डों पर कुल 142 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गईं। इनमें प्रस्थान और आगमन दोनों तरह की उड़ानें शामिल हैं। इससे उन यात्रियों को विशेष रूप से परेशानी हुई जो खाड़ी देशों की यात्रा करने वाले थे या वहां से भारत लौटने वाले थे।
मुंबई एयरपोर्ट पर सबसे ज्यादा उड़ानें रद्द
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सबसे अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं। अधिकारियों के अनुसार यहां कुल 73 उड़ानें रद्द कर दी गईं।
इनमें 39 प्रस्थान और 34 आगमन उड़ानें शामिल हैं। मुंबई से सऊदी अरब, कतर, यूएई और अन्य खाड़ी देशों के लिए बड़ी संख्या में उड़ानें संचालित होती हैं, इसलिए पश्चिम एशिया में तनाव का सीधा असर यहां देखने को मिला।
उड़ानें रद्द होने के कारण कई यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ लोगों को अपनी यात्रा पूरी तरह स्थगित करनी पड़ी।
बेंगलुरु एयरपोर्ट पर भी संचालन प्रभावित
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी इस संकट का असर देखने को मिला। यहां कुल 33 उड़ानें रद्द की गईं।
इनमें 15 प्रस्थान और 18 आगमन उड़ानें शामिल हैं। बेंगलुरु से भी खाड़ी देशों के लिए बड़ी संख्या में कारोबारी और प्रवासी यात्रा करते हैं। अचानक उड़ानें रद्द होने से कई यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों की तलाश करनी पड़ी।
दिल्ली एयरपोर्ट पर 29 उड़ानें रद्द
देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी उड़ान संचालन प्रभावित हुआ। यहां कुल 29 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गईं।
इनमें 15 प्रस्थान और 14 आगमन उड़ानें शामिल हैं। दिल्ली से पश्चिम एशिया के कई प्रमुख शहरों के लिए रोजाना उड़ानें संचालित होती हैं। मौजूदा तनाव के कारण एयरलाइंस ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया है।
कोलकाता एयरपोर्ट पर भी असर
कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी उड़ानों की रद्दी का असर देखा गया। यहां कुल 7 उड़ानें रद्द की गईं, जिनमें 4 प्रस्थान और 3 आगमन उड़ानें शामिल हैं।
हालांकि अन्य एयरपोर्ट की तुलना में यहां कम उड़ानें प्रभावित हुईं, लेकिन यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
कुछ एयरलाइंस ने शुरू किया सीमित संचालन
हालांकि स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है, लेकिन कुछ एयरलाइंस ने आंशिक रूप से उड़ान संचालन शुरू कर दिया है। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए सीमित सेवाएं चलाई जा रही हैं।
अकासा एयर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि वह मुंबई-जेद्दा-मुंबई मार्ग पर उड़ान संचालित करेगी। इसके अलावा एयरलाइन ने शनिवार को मुंबई, अहमदाबाद और कोच्चि से जेद्दा के लिए उड़ानें संचालित करने की योजना बनाई है।
स्पाइसजेट चलाएगी विशेष उड़ानें
स्पाइसजेट ने घोषणा की है कि वह संयुक्त अरब अमीरात में फंसे भारतीय यात्रियों को वापस लाने के लिए विशेष उड़ानें संचालित करेगी।
एयरलाइन के अनुसार कुल 14 विशेष उड़ानें संचालित की जाएंगी। इन उड़ानों के जरिए उन यात्रियों को राहत देने की कोशिश की जाएगी जो मौजूदा हालात के कारण विदेश में फंसे हुए हैं।
सरकार की नजर पश्चिम एशिया की स्थिति पर
भारत सरकार का नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया में स्थिति को देखते हुए एयरलाइंस अपने उड़ान शेड्यूल में बदलाव कर रही हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार गुरुवार को भारतीय एयरलाइनों ने कुल 281 उड़ानें रद्द की थीं। इससे स्पष्ट है कि क्षेत्रीय संकट का असर लगातार बढ़ता जा रहा है।
दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने जारी की यात्रा सलाह
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कतर की राजधानी दोहा में स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए यात्रा सलाह जारी की है।
दूतावास ने बताया कि जो भारतीय नागरिक कतर में फंसे हुए हैं और सऊदी अरब के रास्ते आगे की यात्रा करना चाहते हैं, उनके लिए अस्थायी ट्रांजिट वीजा प्राप्त करने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए एक विशेष पंजीकरण लिंक भी जारी किया गया है, जिससे भारतीय नागरिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
सलवा सीमा पार करने का विकल्प खुला
भारतीय दूतावास ने यह भी बताया कि कतर से सऊदी अरब जाने के लिए सलवा भूमि सीमा पार करने का विकल्प फिलहाल खुला हुआ है। जिन यात्रियों के पास सऊदी अरब से बाहर जाने के लिए कन्फर्म टिकट हैं, वे इस मार्ग का उपयोग कर सकते हैं।
यह विकल्प उन यात्रियों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है जो उड़ानों के रद्द होने के कारण कतर में फंसे हुए हैं।
यात्रियों को दी गई अहम सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि जो यात्री खाड़ी देशों की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अपनी उड़ान की स्थिति पहले से जांच लेनी चाहिए। एयरलाइंस लगातार अपने शेड्यूल में बदलाव कर रही हैं, इसलिए बिना जानकारी के एयरपोर्ट पहुंचना परेशानी का कारण बन सकता है।
जब तक पश्चिम एशिया की स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक यात्रियों को यात्रा योजनाओं में लचीलापन रखने और एयरलाइन से नियमित अपडेट लेते रहने की सलाह दी जा रही है। ✈️

