नयन मोंगिया वोह कीपर जिसने अनिल कुम्ब्ले जैसे गेंदबाज़ पर शानदार विकेट कीपिंग की

IMG-20230522-WA0021
previous arrow
next arrow
CG City News

नयन मोंगिया वोह कीपर जिसने अनिल कुम्ब्ले जैसे गेंदबाज़ पर शानदार विकेट कीपिंग की । नयन मोंगिया भारत के कुछ सबसे बेहतरीन विकेट कीपर मैं से एक हैं , जो भारत के लिये खेले ।

भारत के क्रिकेट इतिहास में कई विकेटकीपर आए और गए,
लेकिन 90 के दशक का नाम अगर लिया जाए तो नयन मोंगिया ज़रूर याद आते हैं।

https://cgcitynews.com

गुजरात से आने वाले इस खिलाड़ी ने अपनी तकनीकी कीपिंग और स्थिर बल्लेबाज़ी से जगह बनाई।
भारतीय टीम में 1994 में डेब्यू किया और धीरे-धीरे टीम के भरोसेमंद कीपर बन गए।

उनका सबसे बड़ा गुण था कि वे विकेट के पीछे बहुत असरदार रहते थे। अनिल कुम्ब्ले जैसे गेंदबाज़ पर भी बहुत ही सेहज तरीक़े से कीपिंग करते थे ।
तेज़ गेंदबाज़ों से लेकर अनिल कुंबले और राजेश चौहान जैसे स्पिनरों तक सबके साथ तालमेल बैठाया।
मोंगिया लंबे समय तक भारत की पहली पसंद बने रहे।
कई बार उनकी बल्लेबाज़ी ने भी टीम को संभाला।
लंबी पारी खेलने का धैर्य उनके पास था।

लेकिन करियर का एक विवादास्पद मोड़ आया।
1990 के दशक मैं एक एक दिवसिये मैच में उन्होंने “बहुत धीमी बल्लेबाज़ी” की मनोज प्रभाकर के साथ मिलकर वह पारी खेली गई। भारतीय टीम मैच जीत सकती थी, लेकिन हार गई।

उस पारी के बाद उन पर “जानबूझकर स्लो खेलने” के आरोप लगे। कहा गया कि कहीं न कहीं फिक्सिंग या गलत इरादे से खेला गया।
यह विवाद उनके करियर पर भारी पड़ा।

हालाँकि, आधिकारिक रूप से कभी साबित नहीं हुआ,
लेकिन आलोचकों ने उनके करियर की विश्वसनीयता पर सवाल उठा दिए। इसके बावजूद नयन मोंगिया ने विकेटकीपिंग में लगातार योगदान दिया।
2000–2001 तक वे भारतीय टीम का अहम हिस्सा रहे।
कुंबले की कई यादगार विकेटों में उनका हाथ था।

लेकिन 2001 के बाद अचानक उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। उस समय भारतीय क्रिकेट में नई प्रतिभाएँ आ रही थीं।
सौरव गांगुली कप्तान बने और टीम में बदलाव की आंधी चली।

हालांकि यह भी कटु सत्य है कि उनके बाद जिन विकेट कीपर को इस्तेमाल किया गया उन सबकी बल्लेबाज़ी बहुत अच्छी नहीं थी चाहे वो समीर दिघे हो MSK प्रसाद हो या अजय रात्रा हो..
दीप दास्गुप्ता मैं कुछ बल्लेबाज़ी ज़रूर थी लेकिन उनकी कीपिंग भरोसेमन्द नहीं रही ।
( नोट- धोनी के आगमन तक )

समीर दिघे, अजय रात्रा, और दीप दास गुप्ता जैसे कीपर को आज़्माया गया , लेकिन कोई भी कीपर खरा नहीं उतरा ।
मोंगिया का अनुभव होने के बावजूद उन्हें नज़रअंदाज़ कर दिया गया।
उसके बाद पार्थिव पटेल आए , लेकिन काम ना बना, राहुल द्रविड से लंबे समय तक एक्दिवसिये मैं कीपिंग करायी गई, लेकिन नयन मोंगिया को वापस नहीं लिया गया ।
हालाकि यह सौरव गांगुली की दूरद्रश्टी थी क्योकि वोह ड्राविड से कीपिंग करा कर हमेशा एक बल्लेबाज़ या एक गेंदबाज़ बड़ा लेते थे ।

एक समय था जब नयन मोंगिया भारत के सबसे भरोसेमंद विकेटकीपर थे।
लेकिन अचानक से 2001 के बाद उनका नाम भारतीय टीम से गायब हो गया।
आज लोग उन्हें भूल चुके हैं,
लेकिन 90 के दशक की टीम में उनका योगदान अमूल्य था।

नयन मोंगिया ने भारत के लिए लगभग 44 टेस्ट और 140 वनडे खेले।
टेस्ट मैं 1 शतक और 6 अर्धशतक भी उनके नाम हैं ।
उनका रिकॉर्ड भले ही चमकदार नहीं हो,
लेकिन स्थिरता और भरोसे के प्रतीक ज़रूर थे।

उनकी ग्लव्स से कई शानदार कैच और स्टम्पिंग हुईं।
वो कप्तानों के लिए “साइलेंट वारियर” जैसे थे।

उनका नाम भले अब इतिहास की किताबों में दब गया हो,
लेकिन 90’s के क्रिकेट प्रेमियों के लिए नयन मोंगिया हमेशा याद रहेंगे।

और हर गेंद के साथ वो ” आईगो” वाली आवाज़ कौन भूल सकता है जो नयन मोंगिया के मुंह से निकलती थी ।
शुद्ध नोस्टाल्जिया ❤️❤️

Latest update के लिए cgcitynews.com पढ़ते रहें”👇👇

भारत बनाम न्यूजीलैंड महामुकाबले के लिए सज गया अप्पू गार्डन का ‘फैन पार्क’

https://youtube.com/@cgcitynews.24kviws?si=2-HgXB_3QCltxnQl

 

 


CG City News

Related Articles

[td_block_social_counter facebook="tagdiv" twitter="tagdivofficial" youtube="tagdiv" style="style8 td-social-boxed td-social-font-icons" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjM4IiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3Njh9" custom_title="Stay Connected" block_template_id="td_block_template_8" f_header_font_family="712" f_header_font_transform="uppercase" f_header_font_weight="500" f_header_font_size="17" border_color="#dd3333"]

Latest Articles