कोरबा /एकता परिषद छत्तीसगढ़ और महात्मा गांधी सेवा आश्रम ग्वालियर मध्य प्रदेश के संयुक्त तत्वाधान में वन अधिकार कानून के दो दिवसीय प्रशिक्षण का शुरुआत कटघोरा के गगन इन होटल में हुआ

इस दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में छत्तीसगढ़ के चार जिले से जिसमें गरियाबंद सरगुजा पेंड्रा गौरेला मरवाही और कोरबा जिला के वन अधिकार समिति के अध्यक्ष और एकता परिषद के कार्यकर्ता शामिल है सरकार का प्रमुख मुद्दा भी रहा वन अधिकार कानून जिसमें जितने भी ग्राम स्तर से अपात्र दावों को पुनः, जांच कर दवा का जब स्वरूप है उन्हें ग्राम सभा के माध्यम से उपखंड स्तर पर सम्मिलित करने की बात कही गई है प्रशिक्षण का प्रमुख भाग यह है कि अभी तक जितने भी दावा करता है उनको यह जानकारी नहीं है उनका दावा कि स्वरूप में अभी किस स्तर पर लंबित है इन्हीं सब बिंदुओं को लेकर इस प्रशिक्षण में प्रमुख प्रशिक्षक रायपुर से आए हुए श्री प्रखर जैन जी के द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को अवगत कराया जा रहा है इस प्रशिक्षण में कानून के जानकारी अधिवक्ता श्रीमती रचना मानिकपुरी जी भी शामिल है प्रशिक्षण के उपरांत एकता परिषद से जुड़े हुए साथी सभी अपने कार्यक्षेत्र में बैठक कर ग्राम सभा के माध्यम से आंशिक या किसी भी विभाग के द्वारा अपात्र किए गए हैं उनको पुनः लोगों में जागरूकता लाते हुए वन अधिकार के क्रियान्वयन में सहयोग करने की बात कहीं जा रही है। ताकि इस वन अधिकार कानून का अधिक से अधिक लोगों को फायदा व अधिकार प्राप्त हो सके ,इस प्रशिक्षण में एकता परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सीताराम सोनवानी जी जिला संयोजक गरियाबंद मंगलुराम जगत जिला संयोजक पेंड्रा गौरेला मरवाही धर्मेंद्र पुरी जिला संयोजक सरगुजा श्री रघुवर दास महंत कोरबा जिला के संयोजक बृजलाल पंडों, एकता परिषद के राष्ट्रीय सचिव सुश्री निर्मला कुजूर इंदिरा यादव एकता परिषद प्रदेश संयोजक मुरली दास संत। 25 प्रतिभागी वन अधिकार समिति के अध्यक्ष, जनपद पंचायत पौड़ी उपरोड़ा के पूर्व जनपद अध्यक्ष श्रीमती किरण मरकाम जी वर्तमान में जनपद सदस्य, शामिल है।

