सोशल मीडिया पर एक खूबसूरत अमेरिकी महिला सैनिक की कहानी तेजी से वायरल हुई, जिसे लाखों लोगों ने फॉलो किया और सराहा। लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो लोग हैरान रह गए यह महिला असल में कोई इंसान नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाई गई एक फर्जी पहचान थी।

कौन है जेसिका फोस्टर?

सोशल मीडिया पर जेसिका फोस्टर नाम की एक महिला सैनिक की तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल हुए। इन तस्वीरों में वह कभी डोनाल्ड ट्रंप के साथ नजर आती थी, तो कभी व्लादिमीर पुतिन और वोलोदिमिर जेलेंस्की जैसे बड़े नेताओं के साथ दिखती थी। उसके अकाउंट पर लाखों फॉलोअर्स हो गए और लोग उसकी देशभक्ति और खूबसूरती की तारीफ करने लगे।

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जांच में सामने आया कि जेसिका फोस्टर नाम की कोई वास्तविक सैनिक नहीं है। अमेरिकी सेना के पास भी इस नाम का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। विशेषज्ञों के अनुसार उसकी सभी तस्वीरें और वीडियो AI तकनीक से बनाए गए थे, जिनमें कई गलतियां भी दिखीं जैसे गलत यूनिफॉर्म और डिजिटल गड़बड़ियां।

कैसे हुआ वायरल?

यह अकाउंट कुछ ही महीनों में एक मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स तक पहुंच गया। उसकी पोस्ट्स में देशभक्ति, ग्लैमर और आकर्षक कंटेंट का मिश्रण था, जिसने लोगों को तेजी से आकर्षित किया। कई लोग उसकी तस्वीरों पर कमेंट करते रहे, बिना यह समझे कि वह असली नहीं है।

यह मामला अकेला नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोशल मीडिया पर AI से बनाई गई ऐसी कई फर्जी प्रोफाइल्स सामने आ रही हैं, जो लोगों को भ्रमित करती हैं और कभी-कभी पैसे कमाने या प्रचार के लिए इस्तेमाल होती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की फर्जी पहचानें और बढ़ सकती हैं, जिससे गलत जानकारी फैलने का खतरा भी बढ़ेगा।

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क्या है खतरा?

इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि AI तकनीक अब इतनी उन्नत हो चुकी है कि वह पूरी तरह नकली इंसान बना सकती है और लोग उसे असली समझ लेते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चीज पर भरोसा करने से पहले सावधान रहना जरूरी है, क्योंकि जो दिख रहा है, वह हमेशा सच नहीं होता।