नई दिल्ली: आगामी चुनावों की तैयारियों के बीच भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया की समय सीमा को एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है। इस विस्तार से मतदाताओं को वोटर लिस्ट में अपने नाम की सही जानकारी सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है, वहीं जमीनी स्तर पर काम कर रहे मतदान केंद्र अधिकारियों (BLOs) को भी बड़ी राहत मिली है।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और मतदान केंद्रों की पुनर्व्यवस्था का काम अब 11 दिसंबर 2025 तक चलेगा
BLOs और आम जनता को मिली राहत
इस विस्तार को जमीनी स्तर पर काम कर रहे बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 4 दिसंबर की पिछली समय सीमा तक SIR फॉर्म जमा करने के भारी दबाव के चलते कई BLOs के तनावग्रस्त होने और संबंधित अप्रिय घटनाओं की खबरें सामने आई थीं। कई जिलों में अभी भी SIR फॉर्म का 50% काम भी पूरा नहीं हो पाया था। सरकार के इस फैसले से अधिकारियों को अब एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मिल गया है, जिससे वे बिना अनावश्यक दबाव के गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित कर सकेंगे। साथ ही, जिन नागरिकों के दस्तावेज़ पूरे नहीं थे, उनके लिए भी यह एक स्वागत योग्य खबर है।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
बदले हुए शेड्यूल में चुनाव आयोग ने कहा कि पोलिंग स्टेशनों को ठीक करने या फिर से व्यवस्थित करने का काम 11 दिसंबर तक पूरा हो जाना चाहिए। कंट्रोल टेबल को अपडेट करने और ड्राफ्ट रोल तैयार करने का काम 12 से 15 दिसंबर तक किया जाएगा। चुनाव आयोग के 16 दिसंबर को ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल पब्लिश करने के बाद, वोटर 15 जनवरी तक अपील या आपत्तियां दर्ज कर सकते हैं।
दावों और आपत्तियों के निपटारे के लिए निर्देश जारी
साथ ही, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को 16 दिसंबर से 7 फरवरी तक गणना फॉर्म पर फैसला लेने और दावों और आपत्तियों का निपटारा करने का निर्देश दिया गया है। इन प्रक्रियाओं का पालन करते हुए, चुनाव आयोग 12 फरवरी को सभी नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अंतिम मतदाता सूची पब्लिश करेगा।

