मृतक बच्चे के पिता मुकेश का आरोप है कि वे निकट ही बस्सी पुलिस थाने में पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने भी कोई मदद नहीं की। मुकेश ने बताया कि उनके बेटे का जन्म 11 दिसंबर को भरतपुर जिले के सरकारी अस्पताल में हुआ था। बच्चे को सांस लेने में मुश्किल हो रही थी। ऐसे में बच्चे और प्रसूता को 12 दिसंबर को जयपुर के लिए रेफर किया गया।

क्या है पूरा मामला?

मुकेश सरकारी अस्पताल की एंबुलेंस से बच्चे को जयपुर लेकर जा रहे थे, यकायक एंबुलेंस में लगे सिलिंडर की ऑक्सीजन खत्म हो गई। रास्ते में एंबुलेंस को रोककर चालक ने उन्हें नीचे उतरने के लिए कहा, बोला कि सिलिंडर चेक करना है। मुकेश नवजात को गोद में लेकर एंबुलेंस से नीचे उतारे, इतने में एंबुलेंस चालक एंबुलेंस लेकर फरार हो गया।

पुलिस ने भी नहीं की कोई मदद

मुकेश पास ही स्थित पुलिस थाने पहुंचे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने कोई मदद नहीं की। इसी बीच बच्चे की मौत हो गई। मुकेश मृत बच्चे के शव को गोद में लेकर बस से रात को वापस भरतपुर पहुंचे। मुकेश ने मामले में भरतपुर के मथुरा गेट पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाने की कोशिश की तो वहां के पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल बस्सी में होना बताते हुए वहीं के पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाने की बात कही।