केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र ने असम के होजाई जिले में ट्रेन की चपेट में आने से सात हाथियों की मौत के मामले में रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने राज्यों को रेल पटरियों के किनारे हाथियों की आवाजाही पर नजर रखने को कहा है। रेलवे अधिकारियों को वन विभागों के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया गया है। शनिवार को होजाई जिले में एक एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से सात हाथियों की मौत हो गई थी।
HighLights
- केंद्र ने असम में हाथियों की मौत पर रिपोर्ट मांगी।
- राज्यों को रेल पटरियों पर निगरानी रखने का निर्देश।
- रेलवे और वन विभाग में समन्वय जरूरी: यादव।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने रविवार को कहा कि केंद्र ने असम के होजाई जिले में एक दिन पहले ट्रेन की चपेट में आने से सात हाथियों की मौत के मामले में रिपोर्ट मांगी है।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र ने यह भी कहा कि सभी राज्यों को रेल पटरियों के किनारे हाथियों की आवाजाही पर नजर रखने को कहा गया है।
दिया गया ये निर्देश
बंगाल के सुंदरबन में ‘प्रोजेक्ट एलिफेंट’ और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि रेलवे अधिकारियों को पटरियों के किनारे हाथियों की आवाजाही के संबंध में राज्यों के वन विभागों के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया गया है। लोको पायलट (ट्रेन चालकों) और वन अधिकारियों के बीच समन्वय आवश्यक है।
सात हाथियों की हो गई थी मौत
मालूम हो कि होजाई जिले में शनिवार तड़के हाथियों के एक झुंड के सैरांग-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से सात हाथियों की मौत हो गई थी और एक घायल हो गया था। इस दौरान ट्रेन के पांच डिब्बे और इंजन भी पटरी से उतर गए थे। मंत्री ने कहा कि जिलाधिकारियों को राजमार्गों पर हाथियों की आवाजाही के बारे में वन विभाग को जानकारी देते रहने के लिए भी कहा गया है।

