23 जनवरी को बच्चे के क्रियाकर्म के दौरान इस विषय पर चर्चा और तेज हो गई। ग्रामीणों के बीच यह धारणा बन गई कि गांव में हो रही तमाम अनहोनी घटनाओं के पीछे सोढ़ी देवा का जादू-टोना जिम्मेदार है। इसी अंधविश्वास के चलते मृत बच्चे के परिवार के चार सदस्यों ने मिलकर सोढ़ी देवा की हत्या कर दी और शव को गांव के पास स्थित खेत में गाड़ दिया।
गादीरास थाना क्षेत्र के ग्राम कयारास निवासी चार आरोपियों में कोसा सोढ़ी उम्र 42 वर्ष, डूंगा सोढ़ी उम्र 38 वर्ष, नंदलाल करटामी उम्र 36 वर्ष और डुला सोढ़ी उम्र 25 वर्ष शामिल हैं। इनके खिलाफ थाना गादीरास जिला सुकमा में मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों को 14 फरवरी 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, जबकि अंतिम रिमांड की अवधि एक मई 2026 तक निर्धारित की गई है।

