35.1 C
Madhya Pradesh
Friday, April 17, 2026

विवेचना में लापरवाही ,त्रुटिपूर्ण विवेचना से दोषमुक्त हुए 30 आरोपी,विवेचकों पर होगी कार्रवाई

IMG-20230522-WA0021
previous arrow
next arrow
CG City News

कोरबा SP को भी सराहना मिली गुमशुदा बच्चों की अधिक-से-अधिक बरामदगी के लिए
0 रेंज के आईजी ने लंबित गंभीर अपराधों पर सभी एसपी को दिए निर्देश
बिलासपुर/कोरबा। पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर अजय कुमार यादव द्वारा रेंज अंतर्गत जिलों के पुलिस अधीक्षकों सहित राजपत्रित अधिकारियों की वर्चुअल बैठक ली गई, जिसमें जिलों के अभियोजन अधिकारी भी उपस्थित रहे।
बैठक में जिले के कई महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई, जिसके अंतर्गत बैठक में दोषमुक्ति प्रकरण, लंबित गंभीर अपराध दर्ज प्रकरण तथा गुम बच्चों की बरामदगी तथा आगामी नववर्ष के अवसर पर जिलास्तर पर कानून-व्यवस्था की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस अधीक्षकों को सभी विषयों पर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिये गये।
जिलों के पुलिस अधीक्षक सहित अभियोजन अधिकारियों की उपस्थिति में जिलों के आपराधिक प्रकरणों में न्यायालयों से हुई दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा की गई। बैठक में माह अक्टूबर-नवंबर‘2023 में जिलेवार न्यायालयों में आपराधिक प्रकरणों में कुल 1480 प्रकरणों की समीक्षा की गई, जिसमें आरोपी के दोषमुक्त होने के संबंध में अभियोजन एवं विवेचना में पाई गई खामियों के संबंध में चर्चाएं हुई। समीक्षा में लिये गये दोषमुक्तप्रकरणों में माह अक्टूबर‘2023 के प्रकरणों में दोषसिद्धि 39.27 प्रतिशत रहा, विवेचकों की त्रुटि से 16 प्रकरण और अभियोजन अधिकारी की त्रुटि से 04 प्रकरणों में दोषमुक्ति हुई। इसी प्रकार माह नवम्बर‘2023 के प्रकरणों में दोषसिद्धि 38.73 प्रतिशत रहा, विवेचकों की त्रुटि से 09 प्रकरण और अभियोजन अधिकारी की त्रुटि से 01 प्रकरण में दोषमुक्ति हुई। इन दोषमुक्त प्रकरणों में गंभीर त्रुटिवाले प्रकरणों में संबंधित दोषी विवेचकों के विरूद्ध विभागीय जांच किये जाने तथा अन्य प्रकरणों में संबंधितों का स्पष्टीकरण लिया जाकर नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही किये जाने निर्देशित किया गया। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा न्यायालयों से पारित दोषमुक्त निर्णय की समीक्षा करते हुए आरोपी के दोषमुक्त होने के कारणों एवं विवेचना में पाई गई खामियों को चिन्हांकित करते हुए विवेचना के स्तर में सुधार हेतु अभियोजन स्तर पर आवश्यक कार्यवाही किये जाने तथा त्रुटिकर्ता की जिम्मेदारी निर्धारित कर दोषियों के विरूद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने पर विशेष रूप से बल दिया गया।

दोषसिद्धि के लक्ष्य प्राप्ति के लिये निर्देशित किया गया कि जिन प्रकरणों में प्रार्थी/गवाहों एवं पीड़ित के पक्षद्रोही होने के कारण आरोपी दोषमुक्त हो रहे हैं, इन प्रकरणों की समीक्षा कर गुणदोष के आधार पर तत्काल अपील की कार्यवाही की जावे।
0 अवैध कार्यों पर सख्त कार्रवाई करें
पुलिस महानिरीक्षक द्वारा संपत्ति संबंधी अपराधों पर नियंत्रण हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार कर अमल में लाये जाने तथा उन क्षेत्रों में जहां अपराध घटित हो रहे हैं वहां सघन पुलिस गश्त कराये जाने निर्देशित किया गया। अवैध शराब विक्रय, जुआ-सट्टा, नशीले पदार्थों पर नियंत्रण करने के साथ-साथ इनमें संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही किये जाने निर्देशित किया गया। जिलों में विगत वर्षों के लंबित सभी प्रकरणों के निराकरण की ओर विशेष ध्यान दिये जाने तथा इन प्रकरणों की समीक्षा की जाकर समयबद्ध निराकरण करने निर्देशित किया गया।
0 गुमशुदा लोगों की तलाशी पर मिली सराहना

पुलिस महानिरीक्षक द्वारा गुम बालक-बालिका की बरामदगी हेतु जिलों में विशेष टीम गठित कर अधिक-से-अधिक गुम बच्चों की बरामदगी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ सुनिश्चित करने निर्देश दिये गये। गुम इंसान की बरामदगी हेतु जिलों में चलाये जा रहे विशेष अभियान अंतर्गत विगत एक माह में अच्छी कार्यवाही करते हुए जिला बिलासपुर में कुल 247 (11 बालक, 72 बालिका, 54 पुरूष, 110 महिला), जिला जांजगीर-चाम्पा में कुल 247 (08 बालक, 22 बालिका, 35 पुरूष, 180 महिला) और जिला कोरबा में कुल 81 (02 बालक, 12 बालिका, 20 पुरूष, 47 महिला) की बरामदगी के लिये पुलिस अधीक्षकों और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना की गई।
पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया कि वे स्वयं एवं राजपत्रित अधिकारियों के माध्यम से जिले के थाना/चौकी में लंबित महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों का गंभीरता से सतत पर्यवेक्षण करते हुए विवेचकों को दिशा-निर्देश व मार्गदर्शन प्रदान करते हुए प्रकरणों में सतत विवेचना कराया जाकर अपराधों का समयावधि के भीतर निराकरण करावें।

पुलिस महानिरीक्षक द्वारा महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरते जाने पर विशेष रूप से जोर देते हुए सुरक्षा व्यवस्था गंभीरतापूर्वक किये जाने निर्देशित किया गया।
पुलिस महानिरीक्षक द्वारा सभी पुलिस अधीक्षकों को नववर्ष को दृष्टिगत रखकर पुलिस की क्षेत्र में प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा आम जनजीवन को प्रभावित करने वाले तत्वों एवं संदिग्ध आचरण व अवांछित व्यक्तियों पर तत्काल प्रभावी कार्यवाही किये जाने निर्देशित किया गया। भीड़भाड वाले स्थानों यथा-होटल, बाजार, मंदिर, पिकनिक स्पॉट एवं अन्य स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल लगाये जाने निर्देशित करते हुए पुलिस महानिरीक्षक द्वारा इस बात पर विशेष ज़ोर दिया गया कि नववर्ष के अवसर पर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जावे तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न करने वाले अवॉंछित तत्वों पर प्रभावी कार्यवाही की जावे।
समीक्षा बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सक्ती श्री एम.आर.आहिरे, पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री संतोष सिंह, पुलिस अधीक्षक जांजगीर- चाम्पा श्री विजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक मुंगेली श्री चंद्रमोहन सिंह, पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री जितेन्द्र शुक्ला तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही श्रीमती मनीषा ठाकुर रावटे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सारंगढ़-बिलाईगढ़ श्रीमती निवेदिता पाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक(ग्रामीण) बिलासपुर श्रीमती अर्चना झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री अभिषेक वर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक रायगढ़ श्री अभिनव उपाध्याय एवं संयुक्त संचालक अभियोजन बिलासपुर श्री माखनलाल पाण्डेय, उप संचालक अभियोजन बिलासपुर श्री श्याम लाल पटेल, उप संचालक अभियोजन रायगढ़ श्री वेदप्रकाश पटेल, उप संचालक अभियोजन जांजगीर-चाम्पा श्री सुरेश कुमार साहू, उप संचालक अभियोजन मुंगेली श्री जी.एन.खाण्डेकर, प्रभारी उप संचालक अभियोजन कोरबा श्री एस.के.मिश्रा, प्रभारी उप संचालक अभियोजन गौ.पे.म. श्री संदीप राय, जिला अभियोजन अधिकारी जशपुर श्री विपिन कुमार सहित रेंज कार्यालय में पदस्थ उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुशीला टेकाम उपस्थित रहीं।


CG City News

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles

error: Content is protected !!