छत्तीसगढ़ में गेवरारोड-पेंड्रारोड रेल कॉरिडोर एक नई 135 किमी ब्रॉडगेज डबल लाइन परियोजना है, जो कोयला खदानों से मालगाड़ियों को मुंबई-हावड़ा मुख्य रूट से बायपास कर रही है। यह परियोजना 4970.11 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 2026 तक चालू होने की संभावना है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
लंबाई और लागत: 135 किमी डबल लाइन, कुल लागत 4970.11 करोड़ रुपये।
रूट: गेवरा रोड (कोरबा) → पेंड्रा रोड → दीपका → कटघोरा → सिंदुरगढ़ → पसान
कनेक्टिविटी: SECL कोलफील्ड्स से राष्ट्रीय रेल नेटवर्क, फीडर लाइन्स सहित अतिरिक्त 35 किमी।
लाभ और प्रभाव
बिलासपुर जंक्शन पर कोल ट्रेनों का बोझ कम होगा, जिससे मुंबई-हावड़ा क्वाड्रूपल लाइन को राहत मिलेगी।
यात्री ट्रेनों का समय पालन बेहतर होगा।
औद्योगिक क्षेत्रों में स्टेशन डेवलपमेंट और रोजगार बढ़ेंगे।
छत्तीसगढ़ में कोयला परिवहन की गति और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा
निर्माण प्रगति और अपडेट्स
काम तेजी से चल रहा है, घोघरा नदी के पास लाइन तैयार, स्टेशन निर्माण जारी।
IRCON-SECL JV द्वारा ब्रिज वर्क्स अवॉर्डेड।
2026 में कमीशनिंग लक्ष्य।
सैटेलाइट अपडेट्स के अनुसार अलाइनमेंट फाइनल, कुछ इलाकों में रिहैबिलिटेशन मुद्दे।
DRM बिलासपुर द्वारा प्रगति रिपोर्ट नियमित साझा की जा रही है।

