उदयपुर में नए साल की शुरुआत मातम से,
नए साल की पहली सुबह उदयपुर जिले के लिए बेहद दर्दनाक साबित हुई। गोगुंदा थाना क्षेत्र के उंडीथल गांव में एक घरेलू विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया, जब एक पति ने अपनी पत्नी की बेरहमी से पिटाई कर उसकी जान ले ली। इस घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग स्तब्ध रह गए।
मामूली कहासुनी से बढ़ा विवाद
पुलिस के अनुसार उंडीथल गांव निवासी शैतान नाथ कालबेलिया और उसकी पत्नी सीता कालबेलिया के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। शुरू में कहासुनी तक सीमित यह झगड़ा देखते-देखते हिंसा में बदल गया। आरोप है कि गुस्से में आकर पति ने पत्नी के साथ मारपीट शुरू कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
मौके पर ही हुई महिला की मौत
मारपीट इतनी बेरहमी से की गई कि सीता कालबेलिया की मौके पर ही मौत हो गई। जब आसपास के लोगों को घटना की जानकारी मिली और वे मौके पर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। महिला की मौत की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया और लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला।
नौ बच्चों के सिर से उठा मां का साया
मृतका सीता कालबेलिया करीब 31 वर्ष की थी और नौ बच्चों की मां थी। इस हृदयविदारक घटना के बाद मासूम बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। मां की मौत से बच्चे सदमे में हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग बच्चों की हालत देखकर भावुक हो रहे हैं।
घटना के बाद आरोपी परिवार सहित फरार
हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी पति शैतान नाथ कालबेलिया और उसके परिवार के अन्य सदस्य मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। आरोपी के फरार होने से पूरे गांव में दहशत का माहौल है और लोग जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने शव कब्जे में लेकर शुरू की जांच
सूचना मिलते ही गोगुंदा थानाधिकारी श्याम सिंह चारण पुलिस जाब्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और शव को अपने कब्जे में लेकर गोगुंदा अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
पीहर पक्ष ने लगाए हत्या के आरोप
घटना की जानकारी मिलते ही मृतका के पीहर पक्ष के लोग भी गांव पहुंचे। उन्होंने आरोपी पति के साथ उसके परिजनों पर भी हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि सीता को पहले भी प्रताड़ित किया जाता था, लेकिन वह बच्चों के कारण सब कुछ सहती रही।
घरेलू हिंसा पर फिर खड़े हुए सवाल
नए साल के पहले ही दिन हुई यह घटना घरेलू हिंसा की गंभीर समस्या को उजागर करती है। मामूली विवाद का इस तरह जानलेवा रूप लेना समाज के लिए चिंता का विषय है। यह घटना न सिर्फ एक महिला की मौत, बल्कि नौ मासूम बच्चों के भविष्य पर गहरा सवाल है।

