तेलंगाना में शनिवार को चार करोड़ 18 लाख रुपये के इनामी 130 माओवादियों ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के समक्ष हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया। इन माओवादियों ने 124 हथियार और 5,205 कारतूस सुरक्षाबलों के सामने जमा किए। यह हाल के वर्षों में हथियारों के साथ हुआ दूसरा सबसे बड़ा आत्मसमर्पण है। इससे तेलंगाना राज्य अब लगभग माओवादियों से मुक्त हो गया है।

इससे पहले जगदलपुर में 210 माओवादियों ने हथियारों के साथ समर्पण किया था। बता दें कि माओवादी संगठन का कथित प्रमुख थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी भी पिछले दिनों तेलंगाना में समर्पण कर चुका है।

आत्मसमर्पण करने वालों में पीएलजीए हिंसक एंड्री करिथराम उर्फ उइके कल्लू, कोरसा लक्कू, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी की सदस्य चालासानी नवथा उर्फ चंद्रा और आरसीएम सदस्य इरपा रामू उर्फ विनोद शामिल है।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस समर्पण से माओवादी संगठन का हिंसक दल पीएलजीए ध्वस्त हो गया है। दल का प्रभारी हिड़मा मुठभेड़ में मारा जा चुका है, जबकि दल प्रमुख बारसे देवा पहले ही समर्पण कर चुका है। माओवादियों ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने हथियारों का बड़ा जखीरा भी सौंपा। कुल 124 हथियारों के साथ 5,205 कारतूस जमा किए गए। समर्पित हथियारों में एक एलएमजी(लाइट मशीन गन), 31 एके-47 राइफल शामिल हैं।