पाली- तानाखार विधानसभा सीट में वर्ष 2018 में रामदयाल उइके के भाजपा में शामिल होेने पर कांग्रेस के पास एकाएक प्रत्याशी का संकट खड़ा हो गया। आनन- फानन में जनता कांग्रेस से कांग्रेस का दामन थामने वाले मोहितराम केरकेट्टा को पाली- तानाखार से टिकट दी गई और उन्होंने जीत का परचम लहराया ,
2023 में जिले की पाली- तानाखार सीट से वर्तमान विधायक मोहितराम केरकेट्टा की टिकट कट चुकी है और इसके साथ ही उन्होंने बगावती तेवर अपना लिया है। उनका कहना है कि लोकसभा चुनाव में 60 हजार से भी ज्यादा मतों से कांग्रेस प्रत्याशी विजय दिलाई, बावजूद मेरा टिकट षडयंत्रपूर्वक काट दिया गया। वे निर्दलीय या अन्य पार्टी के बैनर तले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे।
पाली- तानाखार विधानसभा सीट में वर्ष 2018 में रामदयाल उइके के भाजपा में शामिल होेने पर कांग्रेस के पास एकाएक प्रत्याशी का संकट खड़ा हो गया। आनन- फानन में जनता कांग्रेस से कांग्रेस का दामन थामने वाले मोहितराम केरकेट्टा को पाली- तानाखार से टिकट दी गई और उन्होंने चुनाव में जीत हासिल किया। कांग्रेस का गढ़ बन चुके पाली- तानाखार क्षेत्र में लोकसभा के लिए हुए चुनाव में भी कांग्रेस की ज्योत्सना महंत को यहां से 60 हजार से ज्यादा मत मिले। इससे मोहितराम आशान्वित थे कि उन्हें कांग्रेस इस सीट से पुन: मौका प्रदान करेगी, पर कांग्रेस के पदाधिकारियों के विरोध की वजह से उनकी टिकट काट दी गई है। इससे मोहितराम समेत उनके समर्थकों में नाराजगी व्याप्त हो गई। बताया जा रहा है कि मोेहितराम की अगुवाई में समर्थकों की बैठक हुई। इसमें मोेहितराम ने चुनाव लड़ने की योजना पर विचार किया और समर्थकों ने इस पर समर्थन जाहिर किया। मोहित के बगावती सूर से कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता चिंतित होे उठे हैं और उन्हें साधने का प्रयास कर रहे हैं, पर इसमें कितना सफल हो पाते हैं यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। वैसे भी कांग्रेस की उम्मीद है कि परंपरागत सीट होने की वजह से उन्हें चुनाव में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी।
आप व जनता कांग्रेस की नजर मोहित पर
आम आदमी पार्टी (आप) व जनता कांग्रेस की नजर पाली- तानाखार विधानसभा सीट पर टिकी हुई है। अभी तक दोनों पार्टी ने प्रत्याशी की घोषणा नही की है। वहीं मोहितराम के बगावत का फायदा दोनों पार्टी उठाना चाहेंगी। जानकारों का कहना है कि दोनों पार्टी मोहितराम को अपने साथ जोड़ने की कवायद कर रही है। ऐसा होता है तो कांग्रेस के लिए दिक्कत होना लाजिमी है। वहीं जनता कांग्रेस से मोहितराम से जुड़ते हैं तो यह उनके नई बात नहीं होगी, क्योंकि पहले भी जनता कांग्रेस में रहे थे और कांग्रेस में आने के बाद विधायक चुने गए।
रामपुर में कांग्रेस ने विरोधियों पर लगाम कसने शुरू की कवायद
रामपुर विधानसभा में भी टिकट की उम्मीद लगाए पूर्व विधायक श्यामलाल कंवर को मायूसी का सामना करना पड़ा है। पार्टी ने यहां से फूलसिंह राठिया को टिकट दिया है। इससे नाराज कंवर ने अपने समर्थकों के साथ गुरूवार को बैठक कर विरोध जताया था। इस बैठक में कार्यकर्ताओं को जुटाया गया था और नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश की गई थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष सुरेंद्र जायसवाल व अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भैसमा में कार्यकर्ताओं की बैठक ली। इस दौरान काफी संख्या में कार्यकर्ता जुटे और वर्तमान प्रत्याशी के समर्थन में सहयोग करने का संकल्प लिया। बताया जा रहा है कि बैठक में श्याम लाल कंवर व उनके कुछ समर्थक नहीं पहुंचे। जिलाध्यक्ष जायसवाल का कहना है कि रामपुर क्षेत्र में सभी कार्यकर्ता एकजूट हैं और पार्टी के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।

