छत्तीसगढ़ में रायपुर निवासी विपणन संघ के कर्मचारी वीरेंद्र भारती गोस्वामी की हत्या का राज आठ महीने बाद खुल गया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या का है। बुधवार को स्पष्ट हुआ कि पिछले वर्ष 27 सितंबर को पत्नी और बेटियों ने रील देखने के विवाद में वीरेंद्र की हत्या की थी।

महिला ने मौत को दुर्घटना बताकर अनुकंपा नौकरी भी प्राप्त की थी।पुलिस ने मृतक की 44 वर्षीय पत्नी दीपा भारती, 19 वर्षीय बेटी तनिया भारती और एक नाबालिग पुत्री को गिरफ्तार किया है। वीरेंद्र विपणन संघ में चपरासी था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर 17 गंभीर चोटें पाई गईं, जिससे मामला हत्या का प्रतीत हुआ। जांच में पता चला कि 27 सितंबर 2025 की रात करीब 11 बजे बेटी तनिया मोबाइल पर रील देख रही थी, पिता ने मना किया। इस पर दोनों में बहस हुई, जो मारपीट में बदल गई।

नाराज पत्नी और बेटियों ने मिलकर लकड़ी के बैट और ईंट से वीरेंद्र के सिर पर हमला किया। लोगों को गुमराह करने के लिए यह कहानी बनाई गई कि वीरेंद्र बाथरूम में गिरकर बेहोश हो गया था, जिसे इलाज के लिए ले जाया गया। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट देरी से मिली।

घटना दिनांक और समय के अनुसार घर में मृतक की पत्नी, दो बेटी और एक 10 साल को बेटा था। पीएम रिपोर्ट में हत्या का जिक्र किया गया। अंतत: कड़ी पूछताछ के बाद पत्नी ने पूरी कहानी सुनाई।