रायपुर, // । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में किसानों, सुशासन और खेल विकास से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। मंत्रि-परिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान खरीदी हेतु ₹15,000 करोड़ की पिछली शासकीय प्रत्याभूति को पुनर्वेधीकृत करने के साथ ही ₹11,200 करोड़ की अतिरिक्त प्रत्याभूति को मंजूरी दी है। इस तरह, धान उपार्जन के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थाओं हेतु स्वीकृत कुल शासकीय प्रत्याभूति अब ₹26,200 करोड़ हो गई है, जिससे समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सकेगी।

सुशासन की दिशा में बड़ा कदम: विभागों का विलय
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कैबिनेट ने ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के उद्देश्य को साकार करते हुए शासकीय कार्य में सुशासन को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन किया है।
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सार्वजनिक उपक्रम विभाग का विलय अब वाणिज्य और उद्योग विभाग में कर दिया गया है।
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बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग का संविलियन योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में किया गया है।
किसानों को राहत: दलहन-तिलहन की ख़रीदी जारी
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मंत्रि-परिषद ने पूर्व वर्ष की भांति ‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान’ (पीएसएस) के तहत खरीफ और रबी विपणन मौसम में दलहन-तिलहन फसलों के उपार्जन को जारी रखने का निर्णय लिया है।
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इस योजना में अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन (खरीफ) और चना, सरसों, मसूर (रबी) का उपार्जन समर्थन मूल्य पर किया जाता है।
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इस व्यवस्था से मंडियों में प्रतिस्पर्धा बनी रहेगी, जिससे कृषकों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना होगी

