रायपुर
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां शहर काजी के पद पर कार्यरत आरिफ अली फारूकी को वक्फ बोर्ड ने उनके पद से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई महिलाओं के साथ कथित रूप से अश्लील बातचीत, देर रात फोन कॉल करने और अनुचित दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोपों के बाद की गई है। मामले के सामने आने के बाद धार्मिक और सामाजिक संगठनों में भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है।
शिकायत के बाद हरकत में आया वक्फ बोर्ड
जानकारी के मुताबिक, आरिफ अली फारूकी के खिलाफ एक महिला ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि फारूकी देर रात फोन कर अश्लील बातें करते थे और महिला पर निजी संबंध बनाने का दबाव डालते थे। पीड़िता ने यह भी दावा किया कि फारूकी ने उसके वैवाहिक विवाद में मदद करने का आश्वासन देकर उससे नजदीकी बढ़ाने की कोशिश की।
महिला के परिजनों को जब इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए वक्फ बोर्ड के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मामला तेजी से तूल पकड़ गया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
हलाला को लेकर भी लगे गंभीर आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि फारूकी ने कथित तौर पर महिला पर हलाला प्रक्रिया में शामिल होने का दबाव बनाया। इस आरोप ने मामले को और भी संवेदनशील बना दिया। धार्मिक मामलों से जुड़े इस तरह के आरोपों को लेकर समुदाय के भीतर आक्रोश बढ़ गया।
उलेमा और समुदाय में नाराजगी
मामले के सामने आने के बाद रायपुर के उलेमा और समुदाय के प्रमुख लोगों ने इसे धार्मिक पद की गरिमा के खिलाफ बताया। उनका कहना था कि इस तरह के आचरण से समाज में गलत संदेश जाता है और धार्मिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।
31 मार्च 2026 को इस मुद्दे पर एक आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें कई प्रमुख उलेमा और सामाजिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में आरोपों पर विस्तार से चर्चा की गई और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया गया।
सर्वसम्मति से बर्खास्तगी का फैसला
बैठक में मौजूद सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए आरिफ अली फारूकी को शहर काजी के पद से तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्णय लिया। वक्फ बोर्ड ने भी इस फैसले को मंजूरी देते हुए इसे लागू कर दिया।
अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक पदों पर बैठे व्यक्तियों से उच्च नैतिक आचरण की अपेक्षा की जाती है, और इस तरह के आरोपों को किसी भी हालत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं फारूकी
यह पहली बार नहीं है जब आरिफ अली फारूकी विवादों में आए हैं। इससे पहले वर्ष 2023 में भी उन पर एक नाबालिग लड़के के साथ मारपीट का आरोप लगा था। बताया जाता है कि एक मदरसे में हेडफोन चोरी के शक में बच्चे के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी। हालांकि उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई थी।
समाज में उठे सवाल
इस घटना के बाद समाज में धार्मिक पदों पर बैठे लोगों की जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों का मानना है कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि आम जनता का भरोसा बना रहे।
फिलहाल वक्फ बोर्ड की इस कार्रवाई को एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि किसी भी स्तर पर अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की आगे की जांच और अन्य संभावित शिकायतों को लेकर भी नजर रखी जा रही है।

