“कौन सुनेगा किसको सुनाये ,इसी लिए स्वयं कुछ करने की ठान पानी की दिशा बदलने श्रम दान कर रहे ग्रामीण “
कोरबा /पसान :: अगर इच्छा शक्ति हो तो कोई भी कार्य असंभव नहीं होता विकास खंड पोड़ी उपरोड़ा, जिला कोरबा से 120 किलोमीटर दूर वन मार्ग से इस वनांचल गांव ग्राम पंचायत अडसरा के आश्रित गांव घाघरा बसा हुआ है जहां पानी की समस्या के कारण यहां के ग्रामीण खेती किसानी नही कर पाते थे प्रशासन से गुहार लगाने के बाद भी कोई मदद नही मिलने पर ग्रामीणों ने स्वयं पानी के बहाव का दिशा मोड़कर खेती के लिए जल उपलब्ध कराने की ठानी और वे इस काम में लग गए बिना सफलता ,असफलता के भय के ,उन्होंने बहते धोबगंहठ नाला पानी के दिशा बदल कर आपने खेतों में सिंचाई उपयोग कर सकते हैं। स्वयं के प्रेरणा से कार्य प्रारंभ कर दिया है ,
घाघरा गांव में कुल 23 परिवार पंडों जनजाति के हैं जिनको केवल बरसात के पानी पर ही खेती पर निर्भर हैं ।और उनके पास सिंचाई का कोई साधन नहीं होने के खेती नही हो पा रही है यह गांव हांथी प्रभावित और चारों ओर से वनों से आच्छादित है इसलिए आपस में बैठकर निर्णय लिए कि हम लोग हमारे गांव से 2 किलोमीटर दूर धोबगठनाला है जिसका पानी कपिलधारा से होते हुए बिना उपयोग प्राकृतिक रूप से बहता जा रहा है अगर इस नाले के ऊपर हम लोग कच्ची मिट्टी बंधान स्टाफ डैम बना लेते हैं ।तो हमारे यहां 23 परिवार है उनके लगभग 20 एकड़ खेतों में डबल फसल और सिंचित खेत के रूप में परिवर्तन हो जाएगा,


