कोरबा / पसान :: छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अधिकारियों के लगातार व्यस्त रहने के कारण कोरबा जिला के सुदूर अँचल ग्राम पसान में रेत का खुलेआम खेल चल रहा है ,ताजा मामला कोरबा जिले के ग्राम पंचायत पसान के पास से बहने वाली बम्हनी नदी से रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टर रेत निकालकर उसे बेखौफ मुख्य मार्ग पर भंडारित किया जा रहा है ,यहां से भंडारित रेत को उच्च दामो पर रेलवे साइडिंग ,वेचिंग प्लांट में खपाया जाता हैं ,इस प्रकार रेत का अवैध उत्खनन एवम भंडारण को रोकने के लिए न तो खनिज विभाग के अधिकारी न स्थानीय प्रशासन ( तहसीलदार ) द्वारा कोई कार्यवाही की जा रही है ,कार्यवाही नहीं होने से रेत उत्खनन एवं भंडारण कर उच्च दाम पर बेचने वालों के हौसले बुलंद हैं

स्थानीय प्रशासन की मौन सहमति से चल रहा रेत का खेल
छत्तीसगढ़ की सरकार ने लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पसान को उप तहसील से तहसील का दर्जा देकर यहां नायाब तहसीलदार की जगह तहसीलदार की नियुक्ति की जिससे यहां की प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू रूप से चले और प्रशासनिक व्यवस्था चुस्त दुरुस्त रहे , लेकिन यहां पदस्थ तहसीलदार तो सैय्या भय कोतवाल अब डर काहे का , की तर्ज पर काम कर शासन को लाखों रुपये की राजस्व हानि पहुंचाने में लगे हैं , उनके नाक के निचे रोजाना सैकड़ों ट्रिप रेत का अवैध भंडारण हो रहा है और उन्हें पता न हो हास्यपद लगता है ,

