नारायणपुर/बिलासपुर.
हसौद // मन में देश और राज्य की सेवा करने का संकल्प लेकर छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल ज्वाइन करने वाले हसौद के लाल कमलेश साहू दशहरा और दिवाली मनाने गांव आया था। गांव से लौटते वक्त उसने घर पर बताया था कि इस साल की छुट्टी खत्म हो गई है और अगले साल वह फिर आएगा। घर में उसकी पत्नी बुजुर्ग पिता-माता और भाई को भी उसके वापस आने का इंतजार था, लेकिन बुधवार की दोपहर एक दुखद खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। नारायणपुर में हुए आईईडी ब्लास्ट में सर्चिंग के लिए निकले कमलेश साहू बलिदान हो गए


