कोरबा / पसान //छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की ग्राम पंचायत पसान बस्ती में शुक्रवार की रात को एक दंतैल हाथी घुस आया, जिससे वहां के निवासियों में खौफ का माहौल बन गया. हाथियों ने तीन घंटे तक बस्ती में विचरण किया, और ग्रामीणों के घर ,दीवाल, लोहे की शटर ,मोटरसाइकिल ,एवं कार को निशाना बनाया लोग डरकर अपने घरों की छतों पर चढ़कर अपने आपको सुरक्षित करने को मजबूर हो गए.
दीवाल तोड़ चावल को किया चट ,

वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और जंगल की ओर न जाने की सलाह दी है. लगभग एक सप्ताह से दंतैल कटघोरा वन मंडल के पसान क्षेत्र में घूम रहा है. वन विभाग और ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों को जंगल में वापस भेजने का प्रयास किया जा रहा है.
वार्ड नं 08 के पंच की कार को किया क्षतिग्रस्त

बढ़ता जा रहा मानव-हाथी संघर्ष
छत्तीसगढ़ में हाथियों और इंसानों के बीच संघर्ष का लंबा इतिहास है. यहां के जंगलों में हाथियों की गतिविधियों और उनके व्यवहार पर नजर रखने के लिए कई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं. 2018 में शुरू हुई छत्तीसगढ़ हाथी परियोजना का उद्देश्य मानव-हाथी संघर्ष को कम करना और इसके स्थायी समाधान खोजना है. इस परियोजना के तहत हाथियों को रेडियो कॉलर लगाकर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाती है और गांव वालों को हाथियों के बारे में जागरूक किया जाता है.
हॉस्पिटल की स्टॉफ नर्स के मकान का शटर तोड़कर ,धान को किया हजम

इसलिए आ रहे बस्तियों में
छत्तीसगढ़ के जंगलों में पानी की कमी और खाद्य संसाधनों की अनुपलब्धता के कारण हाथी गांवों की ओर रुख करते हैं. गर्मियों के मौसम में जल स्रोतों की कमी के कारण हाथी पानी की तलाश में गांवों के पास आ जाते हैं. इसके अलावा, जंगलों में मानव अतिक्रमण और कृषि विस्तार के कारण हाथियों के पारंपरिक मार्ग बाधित हो गए हैं, जिससे वे बस्तियों में घुसने को मजबूर हो जाते हैं.
बचे हुए चावल को उठाते हुए ग्रामीण

वन विभाग अलर्ट
वन विभाग ने हाथियों के हमलों को रोकने के लिए कई उपाय किए हैं. जंगल के आसपास के क्षेत्रों में जल स्रोतों का निर्माण, फसलों के चारों ओर खाई खोदना, और सर्चलाइट्स का उपयोग जैसे उपाय शामिल हैं. इसके अलावा, गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को हाथियों से निपटने के तरीके सिखाए जा रहे हैं.
पसान बस्ती में तांडव मचाते हाथी का वीडियो

