महाराष्ट्र निकाय चुनावों में बीजेपी के कांग्रेस और AIMIM से गठबंधन ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। ठाणे के अंबरनाथ में कांग्रेस से और अकोला के अकोट में AIMIM से गठबंधन हुआ। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन गठबंधनों पर कड़ी आपत्ति जताई है, इसे पार्टी अनुशासन का उल्लंघन बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे फैसले स्वीकार्य नहीं होंगे और स्थानीय नेताओं पर कार्रवाई होगी
महाराष्ट्र निकाय चुनाव के नतीजों ने सियासी टकराव को जन्म दे दिया है। नगर निगम में सरकार बनाने के लिए पहले बीजेपी ने ठाणे में शिंदे की शिवसेना के खिलाफ कांग्रेस से गठबंधन किया। वहीं, अब बीजेपी ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM से भी गठबंधन की बात सामने आ रही है।
सत्तापक्ष और विपक्ष के इस गठबंधन से राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे ने इस गठबंधन का विरोध किया था। वहीं, अब खुद
ने भी पार्टी के इस फैसले पर आपत्ति जताई है।
CM फडणवीस ने जताई नाराजगी
सीएम फडणवीस ने इस गठबंधन को सिरे से खारिज कर दिया है। साथ ही उन्होंने पार्टी नेताओं को भी चेतावनी दी है। सीएम ने साफ किया है कि इस गठबंधन को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मंजूरी नहीं मिली है। इससे संगठन के अनुशासन का उल्लंघन हुआ है।
मैं साफ कर देना चाहता हूं कि कांग्रेस और AIMIM के साथ कोई भी गठबंधन स्वीकार नहीं किया जाएगा। अगर कोई स्थानीय नेता इस तरह का फैसला लेता है, तो ये अनुशासन के खिलाफ होगा और उसपर कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष ने उठाए सवाल
विपक्षी दलों ने भी इन गठबंधनों को लेकर बीजेपी को घेरना शुरू कर दिया है। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, “अंबरनाथ और अकोट में क्या हुआ? ये बीजेपी के रवैये को दर्शाता है। सत्ता में बने रहने के लिए ये किसी के साथ भी गठबंधन करने को तैयार हैं।”
बता दें कि बीजेपी ने ठाणे की अंबरनाथ नगर निगम सीट पर कांग्रेस से गठबंधन करते हुए सरकार बना ली है। वहीं, अब बीजेपी ने अकोला जिले की अकोट नगर निगम में AIMIM से गठबंधन की घोषणा की है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

