कोरबा / पसान // छत्तीसगढ़ शासन पशुधन विकास विभाग महानदी भवन द्वारा छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग का गठन किया गया ,
कोरबा जिले में जिला स्तरीय समिति में सदस्य के रूप में पसान के रामशरण सिंह तंवर को अहम जिम्मेदारी मिली है,

छत्तीसगढ़ शासन की ओर से छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग अधिनियम 2004 एवं नियम 2005 के तहत कोरबा जिले में जिला स्तरीय और विकासखंड स्तरीय गौसेवा समितियों का गठन किया गया है।

शासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति की है, जिनका कार्यकाल तीन वर्ष का होगा।समिति को जिले में पंजीकृत गौशालाओं की निगरानी, निरीक्षण, आवश्यक सुधार कार्य करने की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही, यह समिति गौशालाओं में दी जाने वाली अनुदान राशि की मॉनिटरिंग, जैविक खाद एवं पंचगव्य निर्माण से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन, गौशाला पंजीयन की अनुशंसा और अव्यवस्थाओं पर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का कार्य करेगी। समिति के कार्यों की नियमितता बनाए रखने के लिए जिला स्तरीय समिति प्रत्येक दो माह में और विकासखंड स्तरीय समिति प्रत्येक माह बैठक करेगी। वहीं, प्रत्येक त्रैमासिक निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करना भी समिति की जिम्मेदारी होगी। गौसेवा समिति के गठन से जिले में गौशालाओं के संचालन और गौसेवा योजनाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
यह पहली बार है जब इतने बड़े स्तर पर गौशालाओं की देखरेख की जिम्मेदारी स्थानीय समितियों को दी गई है।
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जिम्मेदारियां:इन समितियों को नई गौशालाओं की स्थापना, अनुदान स्वीकृति की सिफारिश करने और जैविक खेती को बढ़ावा देने का अधिकार दिया गया है।
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पारदर्शिता:इस कदम से गौशालाओं के संचालन में पारदर्शिता आएगी और पशुपालन, जैविक खेती व गौ-आधारित उत्पादों के विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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रोजगार:सरकार ग्रामीणों को जैविक खेती और पंचगव्य उत्पादन में प्रशिक्षित कर रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और गौ सेवा के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर सके

