रायपुर // प्रदेश में फर्जी और अपात्र राशन कार्ड धारकों पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने बड़ी कार्यवाही शुरू कर दी है। विभाग ने 46 लाख से अधिक संदिग्ध राशन कार्डों का सत्यापन अभियान चलाया है, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कई कार्डधारक ऐसे मिले जिनकी मृत्यु हो चुकी है, तो कई प्रदेश छोड़कर बाहर जा चुके हैं।
पहले चरण में 1.93 लाख सदस्य हटाए जा चुके
इससे पहले भी विभाग ने राज्यभर में 1 लाख 93 हजार 67 सदस्यों के नाम राशन कार्ड से हटाए थे। इनमें रायपुर जिले के 19,574 सदस्य शामिल थे। भौतिक सत्यापन में यह पाया गया कि इनमें अधिकांश सदस्य मृत हो चुके या अन्य राज्यों में बस चुके हैं।
दरअसल, केंद्र सरकार ने सभी राशन कार्डधारकों को ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए थे। समय पर ई-केवाईसी न कराने वाले 46 लाख से अधिक लोगों को संदिग्ध सूची में डाल दिया गया था। इसके बावजूद कई संदिग्ध कार्डधारकों के नाम पर हर महीने खाद्यान्न उठाव जारी था।
अब आय, टैक्स और जमीन के आधार पर होगी छंटनी
विभाग अब अगला कदम उठाने की तैयारी में है। जिन परिवारों की वार्षिक आय 6 लाख रुपए से अधिक है, जो आयकर (इनकम टैक्स) जमा करते हैं, या जिनके पास 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि है, उनके नाम राशन कार्ड से हटाने की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने बताया कि रायपुर जिले में पहले ही 19 हजार से अधिक सदस्यों के नाम निरस्त किए जा चुके हैं। शेष 9 हजार से अधिक सदस्यों के नाम हटाए जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके बाद नियमानुसार अन्य अपात्रों की छंटनी जारी रहेगी।
अपात्रों पर विभाग की सख्ती जारी
विभाग का कहना है कि सरकार का लक्ष्य वास्तविक गरीब और पात्र परिवारों तक सस्ते राशन की सुविधा पहुंचाना है। ऐसे में जिन लोगों के नाम अपात्र श्रेणी में पाए जा रहे हैं, उनके कार्ड निरस्त कर खाद्यान्न वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाया जा रहा है।

