उदयपुर से रिपोर्टर की लाइव रिपोर्ट:
“नमस्कार दर्शकों, मैं उदयपुर से बोल रहा हूँ, जहाँ आज एक विशेष दृश्य देखने को मिला — खुद संभागीय आयुक्त सुश्री प्रज्ञा केवलरमानी मैदान में उतरीं और मतदाताओं के घर-घर जाकर एसआईआर प्रक्रिया की हकीकत जानी।”
सुबह के समय पुलां और शोभागपुरा इलाकों में जब वे पहुँचीं, तो लोग उत्साहित थे। एक महिला मतदाता ने कहा — “पहली बार कोई अधिकारी हमारे घर आकर पूछ रहा है कि नाम सूची में है या नहीं।”
आयुक्त ने नागरिकों को समझाया कि ‘‘एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न सिर्फ़ एक औपचारिकता नहीं है, यह लोकतंत्र की सटीकता का प्रतीक है।’’
उन्होंने मौके पर मौजूद बीएलओ और अधिकारियों से कहा कि पारदर्शिता और जनसंपर्क, दोनों पर समान ध्यान दिया जाए। साथ ही, कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम जोड़ने से न रह जाए, यह सुनिश्चित किया जाए।
बड़गांव तहसीलदार हितेश त्रिवेदी और संबंधित बीएलओ भी उनके साथ थे। इस दौरान आयुक्त ने गणना प्रपत्र के महत्व पर ज़ोर दिया — उन्होंने कहा कि नागरिक स्वयं जागरूक होकर सही जानकारी भरें, ताकि मतदाता सूची त्रुटिरहित बने।
जिले के अन्य सातों विधानसभा क्षेत्रों में भी आज प्रशासनिक हलचल दिखी। झाड़ोल विधानसभा क्षेत्र में ईआरओ कपिल कोठारी स्वयं मैदान में उतरे और पंचायतों में वितरण प्रक्रिया का जायज़ा लिया।
स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का स्वागत किया। एक युवक ने कहा, “ऐसे दौरे जनता में भरोसा बढ़ाते हैं। हमें लगता है कि हमारी बात सुनी जा रही है।”
अभियान की यह झलक बताती है कि प्रशासन अब केवल आदेश देने तक सीमित नहीं, बल्कि नागरिकों के साथ कदम से कदम मिलाकर काम कर रहा है।

