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Thursday, April 16, 2026

सरपंच संघ अध्यक्ष प्रताप मराबी के नेतृत्व मे रानी अटारी -विजय वेस्ट कोयला खदान मे जारी हड़ताल मांग पूरी होने पर समाप्त,

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CG City News

कोरबा //6 घंटे से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी जब ग्रामीण हड़ताल से उठने को तैयार नहीं हुए, वहीं कोयला उत्पादन ठप होने से प्रशासन के ऊपर दबाव बढ़ा, जिसके बाद तहसीलदार और SECL के अधिकारी मजदूरों को मनाने के लिए  बातचीत शुरू की, करीब चार घंटों की समझाइश के बाद लिखित मे मांग पूरी करने की गारंटी देने पर सरपंच संघ पोड़ी उपरोड़ा के अध्यक्ष प्रताप सिंह मराबी के नेतृत्व मे जारी आंदोलन को मजदूरों ने समाप्त किया 

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले मे चिरमिरी क्षेत्र की रानी अटारी विजय वेस्ट कोयला खदान में कई सालों से जारी मजदूरों की समस्या को लेकर मजदूर सरपंच संघ के अध्यक्ष प्रताप सिंह मराबी के नेतृत्व मे  आर-पार की लड़ाई को लेकर खदान बंद कर धरना प्रदर्शन SECL मेन गेट के सामने कर दिया जिससे secl का कोयला परिवहन पूरी तरह बंद हो गया, SECL और जिला प्रशासन की पहल के बाद लगभग 6 घंटों के बाद धरना समाप्त हो गया. प्रदर्शन के दौरान प्रोडक्शन और परिवहन बंद होने से प्रबंधन को लाखो के नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है. दरअसल मजदूरों की मजदूरी सम्बंधित मांग लम्बे समय से चली आ रही थी, मांग पूरी नहीं होने पर मजदूरों ने  खदान के मेन गेट को बंद कर अनिश्चित्कालीन हड़ताल शुरू किया था. प्रदर्शन के दौरान दोनों खदानों में कोयला उत्पादन एवं परिवहन बंद होने से प्रबंधन कों लाखों का नुकसान उठाना पड़ा,  आंदोलन कर रहे ग्रामीण प्रशासन की भी बात सुनने कों तैयार नहीं थे.
प्रबंधन ने मजदूरों की मांग मानी 
6 घंटों से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद जब मजदूर हड़ताल से उठने को तैयार नहीं हुए, वहीं कोयला उत्पादन ठप होने से प्रशासन के ऊपर दबाव बढ़ा. जिसके बाद , तहसीलदार और SECL के अधिकारी मजदूरों को मनाने के लिए  बातचीत शुरू की. करीब चार घंटों की समझाइश के बाद लिखित आश्वासन पर मजदूरों ने आंदोलन  समाप्त किया

उत्पादन और परिवहन हुआ शुरू
6 घंटों तक जहां खदान के कर्मचारियों को अंदर नहीं जाने दिया गया, जिससे उत्पादन  ठप पड़ गया था. परिवहन नहीं होने से गाड़ियों की लंबी लाइन खदान में लग गई थी और यह माना जा रहा है कि  लाखो रुपए से ज्यादा का नुकसान प्रबंधन को उठाना पड़ा. हालांकि अब जबकि SECL और प्रशासन के दखल से मजदूरों को मना लिया गया, जिसके बाद धरना प्रदर्शन खत्म हुआ और एक बार फिर से खदानों में प्रोडक्शन और ट्रांसपोर्टेशन की शुरुआत हो गई.

 

मजदूरों की मांगों पर SECL प्रबंधन और JMS Pvt. Ltd. ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति जताई
वेतन भुगतान: JMS Pvt. Ltd. के अधीन सभी ठेका मजदूरों को निर्धारित दर से वेतन सीधे उनके बैंक खातों में दिया जाएगा और भविष्य में भी यह प्रक्रिया सुनिश्चित रहेगी।
सुरक्षा व्यवस्था: खदान में Mines Act और रेगुलेशन के तहत सभी सुरक्षा प्रावधान लागू रहेंगे, बिना सुरक्षा के कोई कार्य नहीं होगा।
VTC अनिवार्यता: बिना VTC (Vocational Training Certificate) के किसी भी ठेका मजदूर से कार्य नहीं कराया जाएगा।
सुरक्षा किट वितरण: सभी मजदूरों को गमबूट, हेलमेट सहित सेफ़्टी किट दी जाएगी। मजदूरों की मांग पर गुड़, साबुन, और गमछा भी ठेकेदारों से उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया।
डिप्लेरिंग से हुई पशु हानि पर मुआवजा: पशु मालिकों के आवेदन के 15 दिनों के भीतर सत्यापन कर कार्रवाई की जाएगी।
पेयजल व्यवस्था: प्रभावित क्षेत्रों, विशेषकर केंदई ग्राम में SECL द्वारा पेयजल की व्यवस्था की जाएगी।
कैंटीन मजदूरों का वेतन: JMS Pvt. Ltd. के कैंटीन कर्मियों के वेतन और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए जल्द कार्यवाही की जाएगी।
साइन बोर्ड: वेज दर संबंधी साइन बोर्ड तत्काल लगाया जाएगा।
स्वास्थ्य सुविधा: रानी अटारी खदान परिसर में 24 घंटे एंबुलेंस व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

 

 


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