बिलासपुर / 20/01/26//कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने धान खरीदी केन्द्रों की प्रतिदिन लिमिट बढ़ाने की मांग को लेकर कलेक्टर बिलासपुर को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि 31 जनवरी तक खरीदी की अंतिम तिथि तय है, लेकिन सीमित दिनों और कम लिमिट के कारण जिले में लगभग 25 प्रतिशत किसान धान नहीं बेच पाएंगे। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होगा और मोदी गारंटी के तहत 21 क्विंटल खरीदी का वादा भी प्रभावित होगा। बिलासपुर जिले में धान खरीदी के अंतिम चरण में किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी तय होने के बावजूद सीमित कार्यदिवस और कम प्रतिदिन खरीदी लिमिट के चलते हजारों किसान अपनी उपज बेचने से वंचित हो सकते हैं। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने कलेक्टर संजय अग्रवाल को पत्र लिखकर धान खरीदी केन्द्रों की प्रतिदिन लिमिट बढ़ाने की मांग की है।
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विधायक ने पत्र में उल्लेख किया है कि जिले में 7 लाख टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया था, जबकि अब तक केवल 5 लाख 34 हजार 648 टन की ही खरीदी हो पाई है। मौजूदा रफ्तार से आगामी 8 कार्यदिवसों में अधिकतम 1 लाख 18 हजार टन धान ही खरीदा जा सकेगा, जिससे करीब 46 हजार टन धान खरीदी से बाहर रह जाएगा। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ेगा। अटल श्रीवास्तव ने बताया कि कोटा विधानसभा क्षेत्र के रतनपुर, केन्या, बेलगहना, मिडूनवागांव, धूमा, नगचुई, चपोरा, पोड़ी, पचरा और करणीकला जैसे केन्द्रों में खरीदी की लिमिट अत्यंत कम रखी गई है। वर्तमान में लगभग 25 प्रतिशत किसानों का धान अब भी बिकना शेष है, लेकिन टोकन और लिमिट की बाधा के कारण वे परेशान हैं।

