“सम्मानित मीडिया प्रतिनिधियों,
आज हम सब उस शहर में खड़े हैं जो अपने अतीत की गरिमा और भविष्य की आधुनिकता — दोनों का प्रतीक है।
जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड की यह पहल, जिसमें हम आपको अपनी प्रमुख परियोजनाएँ दिखा रहे हैं, इस शहर के नए युग की कहानी है।
हमारी पहली परियोजना — इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) —
यह केवल एक भवन नहीं, बल्कि जयपुर का डिजिटल दिल है।
यहीं से शहर की हर गतिविधि पर निगाह रखी जाती है।
चाहे कचरा उठाना हो या स्ट्रीट लाइटिंग, प्रदूषण की निगरानी हो या आपात स्थितियों का प्रबंधन —
सभी डेटा, सभी कार्रवाई यहीं से संचालित होती है।
हम मानते हैं —
“एक स्मार्ट शहर वही होता है जहाँ तकनीक जनता की सेवा में लगे।”
इसके बाद हम सबने देखा राजस्थान विधानसभा संग्रहालय —
जहाँ इतिहास डिजिटल हो गया है।
जहाँ युवाओं को लोकतंत्र को छूने, देखने और समझने का अवसर मिलता है।
हमारा उद्देश्य केवल इमारतें बनाना नहीं,
बल्कि नागरिकों में जागरूकता और जुड़ाव पैदा करना है।
और अंत में हमने देखा एसएमएस स्टेडियम का पुनर्वास केंद्र —
जहाँ खिलाड़ी सिर्फ अपनी चोट नहीं, आत्मविश्वास भी ठीक करते हैं।
यह केंद्र इस बात का उदाहरण है कि तकनीक खेल और स्वास्थ्य दोनों को नया जीवन दे सकती है।
मित्रों, जयपुर की इन परियोजनाओं का लक्ष्य केवल सुविधाएँ बढ़ाना नहीं है,
बल्कि नागरिक जीवन को सरल, सुरक्षित और संवेदनशील बनाना है।
हम चाहते हैं कि जयपुर केवल ‘स्मार्ट सिटी’ नहीं,
‘सेंसिटिव सिटी’ के रूप में भी जाना जाए।
आपका स्वागत, आपकी भागीदारी और आपकी प्रतिक्रिया ही हमारी असली उपलब्धि है।
क्योंकि एक सच्चा स्मार्ट शहर केवल सरकार नहीं,
जनता और प्रशासन के मिलन से बनता है।

