कोरबा /पसान ::कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन में जिले में खनिज विभाग द्वारा गौण खनिज आधारित क्षेत्रों से रेत के अवैध परिवहन, रॉयल्टी चोरी, उत्खनन एवं भंडारण पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इस हेतु जिले के नगरीय निकाय सहित ग्रामीण क्षेत्रों पर खनिज अमलो की तैनाती कर नियमित कार्यवाही की जा रही है। खनिज अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार गौण खनिज रेत की रॉयल्टी चोरी की रोकथाम हेतु विभागीय अमला द्वारा उरगा, कनकी, कुरूडीह, बरमपुर, ईमलीडुग्गु भिलाईखुर्द आदि स्थानों से कुल 11 प्रकरण दर्ज किया गया है।

कोरबा जिला में कलेक्टर के निर्देशानुसार खनिज विभाग ताबड़तोड़ कार्यवाही कर रहा है परंतु पसान व बैरा पंचायत में संचालित बेचिंग प्लांटो पर अधिकारियों की मेहरबानी बनी हुई है ,पसान के दर्रीपारा में संचालित बेचिंग प्लांट पर कलेक्टर के निर्देश पर पूर्व में पर्यावरण विभाग द्वारा कार्यवाही की गई थी ,परन्तु कुछ दिनों बाद ही संचालक द्वारा दबंगई दिखाते हुए प्लांट का अवैध रूप से संचालन निरंतर किया जा रहा है ,
बैरा पंचायत में संरक्षित वन क्षेत्र में संचालित बेचिंग प्लांट में रेत का अकूत भंडारण
ग्राम पंचायत बैरा के संरक्षित वन क्षेत्र में संचालित बेचिंग प्लांट से वन क्षेत्र को प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है ,वहां संचालित होने वाले प्लांट पर लाखो टन रेत का अवैध भंडारण किया गया है ,एक रायल्टी पर्ची से कई ट्रिप रेत का भंडारण कर शासन को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है ,जाँच होने कंपनी की कलई खुलकर सामने आने की संभावना है ,
तहसीलदार बने मूकदर्शक
कोरबा जिला मुख्यालय पसान से 100 किलोमीटर की दूरी पर होने के कारण हमेशा जिला के अधिकारियों का आना संभव नहीं होता है ऐसे में तहसीलदार पर जगहों की निरीक्षण करने की जिम्मेदारी होती है ,पर पसान तहसीलदार इस मामले में पूरी तरह से निष्क्रिय है उन्होंने अपने पदभार ग्रहण करने के बाद से एक भी अवैध कार्यो पर कार्यवाही न कर पसान तहसील को साफसुथरा तहसील साबित करने की ठानी है ,माफियाओं के लिए तो पसान तहसीलदार सैया भय कोतवाल बन गए हैं

